ओडिशा-छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में भीषण बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई।
पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के ऊपर बना कम दबाव अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के आसार, बारिश होगी तेज।
उत्तराखंड में भारी बारिश से सड़कें बाधित, चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा।
बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
दिल्ली में बारिश की संभावना कम, 37 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान; देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज।
देश के कई राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र उन्हीं इलाकों में बना हुआ है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 31 अगस्त, 2026 को जारी अपडेट के अनुसार, इस प्रणाली के अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने के आसार हैं। इसकी वजह से ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश बढ़ने का पूर्वानुमान है।
वहीं उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के इलाकों के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। इसके कारण जम्मू और कश्मीर तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में बादल, बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बेहद भारी बारिश का अंदेशा
मौसम विभाग ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जबकि कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ओडिशा के कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। कुछ हिस्सों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। विभाग ने इन दोनों राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
इसके अलावा आज, 31 अगस्त, 2026 को असम और मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान है।
उत्तराखंड में बारिश का कहर
उत्तराखंड में बारिश आफत बनकर बरस रही है। इसका सबसे ज्यादा असर चमोली और पिथौरागढ़ जिलों पर देखने को मिल रहा है। इन जिलों में 70 से ज्यादा सड़के बाधित होने की खबर है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वहीं आज, 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में भी तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है।
लगातार बारिश के कारण कई नदियों और बरसाती नालों का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। लोगों को प्रशासन की सलाह के बिना खतरे वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी सावधानी
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर के कुछ जगहों में भी बारिश हो सकती है। शिमला और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश के साथ कुछ समय के लिए तेज बारिश और गरज-चमक होने के आसार हैं।
वहीं आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में भी आज हल्की से भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और कमजोर ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में गर्मी और उमस जारी
आज, 31 अगस्त को दिल्ली का आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। यहां न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिमी हवाएं 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कहां रहा सामान्य से ज्यादा तापमान?
बारिश के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा।
रात के तापमान की बात करें तो असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में भी रात का तापमान सामान्य से अधिक रहा।
30 अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के श्रीगंगानगर और तमिलनाडु के मदुरै में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज हुआ।
किसानों और लोगों के लिए जरूरी सावधानी
लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। नालियों को साफ रखें, ताकि खेतों में पानी जमा न हो। कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें। तेज बारिश, आंधी और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। बारिश के समय कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव न करें। पशुओं को भी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें।
भारी बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। जलभराव वाली सड़कों, नदियों और नालों के पास जाने से बचें। बिजली चमकने के समय खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय घर के अंदर रहना सुरक्षित है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। अत्यधिक बारिश से फसल और जनजीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।