बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन आज सुबह गहरे डिप्रेशन में हुआ तब्दील, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर भारी बारिश का खतरा। प्रतीकात्मक छवि, साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
मौसम

बालासोर-कैनिंग तट से आज दोपहर टकराएगा गहरा डिप्रेशन, ओडिशा-बंगाल में रेड अलर्ट, कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

डिप्रेशन के असर से कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी, लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन आज सुबह गहरे डिप्रेशन में हुआ तब्दील, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर भारी बारिश का खतरा।

  • ओडिशा में रेड अलर्ट, कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, बाढ़, जलभराव और तेज हवाओं की आशंका बढ़ी।

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 24 घंटे बेहद अहम।

  • तेज हवाओं, आंधी और आकाशीय बिजली की चेतावनी, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में 60 किमी प्रति घंटे तक हवा चलेगी।

  • मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों से बचने तथा फसलों और पशुओं की सुरक्षा की सलाह दी।

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने चरम पर है। वहीं, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर गहरे डिप्रेशन (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से आज सुबह, 27 जुलाई, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, यह प्रणाली पिछले छह घंटों में लगभग तीन किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ी है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह गहरा डिप्रेशन अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और आज दोपहर पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के बीच बालासोर और कैनिंग के बीच तट से टकराने की प्रबल आसार हैं। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ हिस्सों में भयंकर बारिश होने की आशंका है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

गहरा डिप्रेशन अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और आज दोपहर पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के बीच बालासोर और कैनिंग के बीच तट से टकराने की प्रबल आसार हैं।

राजस्थान में कम दबाव का क्षेत्र, पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके कारण वहां भी मौसम में बदलाव बना रहेगा। यह प्रणाली मानसून को और मजबूत कर रही है। इसके साथ ही मध्य भारत के ऊपर एक पूर्व-पश्चिम दिशा की प्रणाली भी सक्रिय है, जिससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। उत्तर भारत के ऊपरी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। इसके कारण हिमालयी इलाकों में बादल छाए रहने और कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।

ओडिशा में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग ने ओडिशा के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। यहां कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ हिस्सों में भयंकर बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। विभाग ने ओडिशा में बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

इन राज्यों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान

छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। खासकर उत्तराखण्ड के कुमाऊं मण्डल के बागेश्वर जिले में भारी से बहुत बारिश के चलते एतिहात के तौर पर सभी स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, झारखंड, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तटीय कर्नाटक सहित कई राज्यों में भारी बारिश के आसार हैं। साथ ही मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे इन राज्यों के लिए अहम रहेंगे। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक पानी बरस सकता है।

तेज हवा और आंधी का भी रहेगा असर

बारिश के साथ कई राज्यों में तेज हवा और आंधी चलने का भी अंदेशा जताया गया। ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, तमिलनाडु, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ गरज और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। जबकि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तटीय कर्नाटक में भी गरज के साथ बारिश हो सकती है।

कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज

बारिश के बीच देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया गया। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रहने के आसार हैं।

रात का तापमान भी बढ़ा

न्यूनतम तापमान यानी रात का तापमान भी कई राज्यों में सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। इससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।

मदुरै सबसे गर्म, बौध सबसे ठंडा

कल, 26 जुलाई, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में तमिलनाडु के मदुरै में सबसे अधिक 41.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं ओडिशा के बौध में न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

किसानों को सलाह दी गई है कि जिन फसलों की कटाई तैयार है, उन्हें जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसल को नुकसान न हो। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए फिलहाल सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टाल दें। पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें तथा उनके लिए सूखे चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और अपनी नौकाओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की मानें तो अगले एक-दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। ऐसे में लोगों और किसानों को सतर्क रहने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सभी सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।