डीप डिप्रेशन के कारण छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट। 
मौसम

डीप डिप्रेशन से छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा समेत तेलंगाना में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश

डीप डिप्रेशन की वजह से चार राज्यों में भीषण बारिश व तूफानी हवाओं का खतरा, बिहार, झारखंड, विदर्भ तथा पश्चिम बंगाल में भी बरसेंगे बादल; राजस्थान में गर्मी का सितम, जैसलमेर में पारा 42 डिग्री पार।

Dayanidhi

  • डीप डिप्रेशन के कारण छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट।

  • बिहार, झारखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।

  • दिल्ली-एनसीआर से मानसून समय से पहले पूरी तरह विदा, गुरुवार को साफ आसमान और तापमान बढ़ने के आसार।

  • बंगाल की खाड़ी में 75 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं चलने की आशंका, मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह।

  • जैसलमेर में 42.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज, पश्चिमी राजस्थान समेत कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से विदाई ले रहा है, लेकिन इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर आज, 24 सितंबर, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा अब गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा, नलिया से होकर गुजर रही है। दिल्ली-एनसीआर से भी मानसून पूरी तरह विदा हो गया है।

वहीं, मध्य स्तरों में पश्चिमी हवाओं के बीच बना पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। इसके कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव और स्थानीय स्तर पर बादल या बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली से समय से पहले मानसून की विदाई

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से पूरी तरह वापस लौट गया है। इस साल मानसून ने दिल्ली में दो जुलाई को दस्तक दी थी और इसकी सामान्य वापसी की तारीख 25 सितंबर मानी जाती है। इस बार मानसून दो दिन पहले ही राजधानी से विदा हो गया। साल 2002 के बाद यह दिल्ली से मानसून की सबसे जल्दी वापसी है। साल 2002 में मानसून 20 सितंबर को दिल्ली से लौट गया था।

मानसून की विदाई के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ रहने की संभावना है। गुरुवार को आसमान साफ और धूप रहने से तापमान बढ़ सकता है। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट पर डीप डिप्रेशन

इस बीच पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। 23 सितंबर की रात यह उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास था। यह कलिंगपट्टनम से करीब 30 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, विशाखापत्तनम से 80 किमी उत्तर-पूर्व और गोपालपुर से करीब 170 किमी दक्षिण-पश्चिम में था।

मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच पार कर रहा है। इसके अगले कुछ घंटों में पूरी तरह तट पार करने की संभावना है। इसके बाद यह शुरुआत में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और करीब 12 घंटे तक डीप डिप्रेशन की तीव्रता बनाए रख सकता है। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।

कई राज्यों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा

डीप डिप्रेशन की वजह से छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश का ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक पानी बरस सकता है।

वहीं आज, बिहार, झारखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

आज, 24 सितंबर, 2026 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम और मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे तथा मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

आंधी और तेज हवाओं का भी अलर्ट

बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है। छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है।

वहीं आज, अंडमान-निकोबार, बिहार, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र और रायलसीमा में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और कुछ अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं के आसार हैं।

समुद्र में भी खराब मौसम

डीप डिप्रेशन की वजह से बंगाल की खाड़ी में मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के और तेज होकर 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अंदेशा जताया गया है। वहीं, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास भी तेज हवाएं चलने के आसार हैं। ऐसे मौसम में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

तापमान में भी बदलाव

मानसून की विदाई के बाद देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

23 सितंबर, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के जैसलमेर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस हिमाचल प्रदेश के मंडी में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें और तैयार फसलों को सुरक्षित रखने के उपाय करें। आम लोगों को आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।