1970 से 2021 के बीच चरम मौसम की घटनाओं से 4.3 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान और लगभग 20 लाख लोगों की मृत्यु हुई।
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, सभी को पूर्व चेतावनी सेवाएं मिलने से हर साल 13 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान बचाया जा सकता है।
समय पर चेतावनी देने से तूफान या हीटवेव से होने वाले नुकसान को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
पूर्व चेतावनी सेवाओं से 22 अरब डॉलर के स्वास्थ्य संबंधित नुकसान से बचाव संभव है, जिससे लोगों की सुरक्षा बढ़ती है।
डब्ल्यूएमओ व अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सटीक आंकड़ों व आधुनिक उपकरणों से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले खतरों को कम किया जा सकता है।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की स्थापना का दिन है। 1950 में स्थापित यह संगठन, संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जो मौसम, जलवायु और जल सेवाओं के महत्व को बताता है।
डब्ल्यूएमओ का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के देशों में मौसम संबंधी जानकारी साझा करना और सुरक्षित जीवन के लिए मौसम सेवाओं को बेहतर बनाना है।
डब्ल्यूएमओ की भूमिका
डब्ल्यूएमओ वैश्विक मौसम और जलवायु गतिविधियों से संबंधित जानकारी को एकत्र करता है। यह देशों को मौसम संबंधी आंकड़ों को साझा करने में मदद करता है ताकि समय पर सटीक मौसम पूर्वानुमान तैयार हो सके। डब्ल्यूएमओ जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन और पर्यावरण निगरानी पर शोध में भी योगदान देता है। इसके जरिए देश प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी खतरों से निपटने में बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस की शुरुआत
डब्ल्यूएमओ की स्थापना के 11 साल बाद 1961 में पहला विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया गया। इस दिन के माध्यम से डब्ल्यूएमओ यह बताता है कि राष्ट्रीय मौसम विज्ञान और हाइड्रोलॉजिकल सेवाएं दुनिया को मौसम और पर्यावरणीय खतरों से बचाने में कितनी महत्वपूर्ण हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी विकास
डब्ल्यूएमओ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। इसका काम प्राकृतिक आपदाओं के खतरों को कम करने और जलवायु परिवर्तन पर निगरानी रखने में महत्वपूर्ण है।
डब्ल्यूएमओ के प्रयासों की वजह से सैटेलाइट तकनीक, सुपरकंप्यूटर और आधुनिक मौसम पूर्वानुमान उपकरण विकसित हुए हैं। ये उपकरण देशों को मौसम संबंधित आपदाओं के लिए तैयार रहने में मदद करते हैं।
डब्ल्यूएमओ के दबाव और मार्गदर्शन में, सरकारें अपने मौसम विज्ञान ढांचे में निवेश कर रही हैं, जिससे तकनीकी उन्नति, नई नीतियां और मजबूत समुदाय बन रहे हैं।
आंकड़ों से समझें महत्व
चरम मौसम को विश्व आर्थिक मंच के अनुसार लंबे समय के सबसे बड़े खतरों में गिना जाता है। यही कारण है कि यूएन ने “सभी के लिए प्रारंभिक चेतावनी” जैसी जीवन रक्षक पहल शुरू की। 1970 से 2021 के बीच चरम मौसम संबंधी घटनाओं से लगभग 4.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ और लगभग 20 लाख लोग मारे गए।
पूर्व चेतावनी सेवाओं की जरूरत
पूर्व चेतावनी केवल सुविधा नहीं, बल्कि आवश्यकता है। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, अगर हर किसी को पूर्व चेतावनी सेवाएं मिलें, तो हर साल कम से कम 13 अरब डॉलर का नुकसान और 22 अरब डॉलर के स्वास्थ्य संबंधी नुकसान से बचा जा सकता है।
सिर्फ 24 घंटे की चेतावनी भी तूफान या लू या हीटवेव से होने वाले नुकसान को 30 फीसदी तक कम कर सकती है।
बदलती जलवायु में बढ़ते खतरे
जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान बढ़ रहा है। इससे अधिक लू, भारी वर्षा और तेजी से बढ़ते उष्णकटिबंधीय चक्रवात हो रहे हैं। इन बदलावों के कारण डब्ल्यूएमओ का काम पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस हमें याद दिलाता है कि मौसम और जलवायु चुनौतियों का सामना करने के लिए वैश्विक सहयोग कितना जरूरी है। विज्ञान, तकनीक और साझा जिम्मेदारी के माध्यम से डब्ल्यूएमओ दुनिया को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने में मदद करता है।
इस दिन का उद्देश्य लोगों और सरकारों को यह समझाना है कि मौसम पूर्वानुमान और जलवायु निगरानी जीवन बचाने और प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाती है।