अप्रैल महीने में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लू ज्यादा चल सकती है।  
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अप्रैल से जून का मौसम: उत्तर से लेकर दक्षिण तक बढ़ेगी गर्मी, लू के दिनों में वृद्धि के आसार

अप्रैल 2026 में पूरे देश में औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। यह सामान्य औसत (एलपीए) का लगभग 112 प्रतिशत से ज्यादा हो सकती है।

Dayanidhi

  • अप्रैल से जून 2026 में अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य रहेगा, लेकिन पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में अधिक गर्मी पड़ने के आसार।

  • अप्रैल 2026 में देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य रहेगा, जबकि कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान रह सकता है।

  • लू के दिनों की संख्या पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में अधिक रहने के आसार, जिससे स्वास्थ्य और संसाधनों पर प्रभाव पड़ेगा।

  • अप्रैल 2026 में देशभर में औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना, लेकिन उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में कम हो सकती है।

  • अधिक तापमान और लू का कृषि पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे फसल उत्पादन घट सकता है और किसानों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अप्रैल से जून 2026 के लिए गर्मी के मौसम का नया पूर्वानुमान जारी किया है। इस रिपोर्ट में तापमान, बारिश और लू की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। यह जानकारी आम लोगों, किसानों और प्रशासन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि वे पहले से तैयारी कर सकें।

कैसा रहेगा तापमान?

मौसम आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है। लेकिन पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। इसके अलावा मध्य भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीप के इलाकों में भी ज्यादा गर्मी पड़ने के आसार हैं।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो देश के ज्यादातर हिस्सों में यह सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है।

अप्रैल 2026 का विशेष अनुमान

अप्रैल महीने में देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है। लेकिन पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में अधिक तापमान देखने को मिल सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान अधिकांश इलाकों में सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में यह सामान्य रह सकता है।

लू या हीटवेव की स्थिति

इस साल अप्रैल से जून के बीच कुछ हिस्सों में लू या हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक हो सकती है। खासकर पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत तथा दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

अप्रैल महीने में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लू ज्यादा चल सकती है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी इसका असर रहेगा। लू का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य, पानी की उपलब्धता और बिजली की मांग पर पड़ सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

कहां-कहां और कितने बरसेंगे बादल?

अप्रैल 2026 में पूरे देश में औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। यह सामान्य औसत (एलपीए) का लगभग 112 प्रतिशत से ज्यादा हो सकती है।

देश के अधिकतर इलाकों में सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश होने की संभावना है। लेकिन उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कैसी रहेंगी समुद्री परिस्थितियां?

प्रशांत महासागर में फिलहाल सामान्य स्थिति बनी हुई है, जिसे ईएनएसओ न्यूट्रल कहा जाता है। आगे भी अप्रैल से जून तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। बाद में अल नीनो बनने की संभावना बढ़ सकती है। भारतीय महासागर में भी अभी सामान्य स्थिति है और यह आगे भी जारी रह सकती है।

मौसम का खेती पर असर

ज्यादा तापमान और लू का असर खेती पर भी पड़ेगा। धान, मक्का, दालें और सब्जियों की फसल पर गर्मी का दबाव पड़ सकता है, जिससे उत्पादन कम हो सकता है।

देर से बोई गई गेहूं और चना जैसी फसलों में जल्दी पकने की स्थिति बन सकती है, जिससे दाने ठीक से नहीं बन पाएंगे। आम और केले जैसी फलों की फसलों में फूल और फल गिरने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा मिट्टी में नमी तेजी से कम हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।

किसानों के लिए सुझाव

मौसम विभाग के द्वारा किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को हल्की और बार-बार सिंचाई दें। गर्मी से बचाने के लिए विशेष दवाओं का छिड़काव करें।

जहां संभव हो, कम समय में तैयार होने वाली और गर्मी सहन करने वाली किस्मों का उपयोग करें। गेहूं और सरसों की कटाई समय पर पूरी कर लें।

खेत में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें और दोपहर के समय खेत में काम करने से बचें। पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करें।

कुल मिलाकर, अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश में मिश्रित मौसम देखने को मिलेगा। कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य रहेगा, जबकि कुछ जगहों पर ज्यादा गर्मी और लू का असर रहेगा। बारिश की स्थिति भी सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है, लेकिन उत्तर-पूर्व भारत में कमी रह सकती है।

इसलिए जरूरी है कि लोग और प्रशासन पहले से तैयारी करें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें, ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान को कम किया जा सके।