अरुणाचल प्रदेश में 10 से 13 अप्रैल के बीच भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जनजीवन प्रभावित होने के आसार।
जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश और बर्फबारी के साथ 30-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
पूर्वी भारत में गरज-चमक, बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं और वज्रपात से यातायात प्रभावित हो सकता है।
उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तापमान क्रमशः 8-10, 4-6 और 5-7 डिग्री तक बढ़ने के आसार।
तटीय क्षेत्रों में गर्मी के साथ उमस बढ़ेगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी और असहज मौसम का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है। हालांकि इसका असर अभी भी ऊपरी वायुमंडल में देखा जा सकता है। इसके अलावा, ऊपरी स्तर पर तेज हवाएं यानी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय हैं, जिनकी गति बहुत अधिक है। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में मौसम में अस्थिरता बनी हुई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के द्वारा आज, 10 अप्रैल 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि उत्तर-पश्चिम भारत, खासकर जम्मू और कश्मीर के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
विभाग की मानें तो इस तरह की स्थिति 11 अप्रैल के आसपास अधिक देखने को मिलेगी। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंडक बनी रह सकती है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जबकि उत्तर के अधिकतर राज्यों में मौसम शुष्क व साफ रहेगा, हालांकि कुछ राज्यों में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर की बात करें तो यहां अब तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
दिल्ली में आज, यानी 10 अप्रैल को 30 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अधिकतम तापमान के 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आज यहां मौसम शुष्क और साफ रहेगा और तेज धूप खिली रहेगी।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मौसम काफी सक्रिय बना हुआ है। असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में लगातार बारिश होने की संभावना है। कई जगहों पर वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।
10 से 13 अप्रैल के दौरान अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। यहां 65.5 से 155.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने अरुणाचल में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम का रुख?
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम बदलता हुआ नजर आएगा। यहां गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश के और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। कुछ हिस्सों में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है। इससे पेड़ गिरने या बिजली व्यवस्था बाधित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
दक्षिण भारत में हल्की बारिश
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है जबकि कुछ हिस्सों में बादलों के छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस तरह का मौसम 10 से 13 अप्रैल के बीच देखने को मिलेगा। हालांकि यहां बहुत ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन मौसम में नमी बनी रहेगी।
तापमान में तेजी से वृद्धि
अभी देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य या थोड़ा कम है। लेकिन आने वाले दिनों में तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान आठ से 10 डिग्री तक बढ़ सकता है। मध्य भारत में चार से छह डिग्री और पूर्वी भारत में पांच से सात डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि कुछ ही दिनों में मौसम काफी गर्म हो जाएगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, नौ अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के कडप्पा में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां -कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?
तटीय इलाकों में गर्मी के साथ उमस भी बढ़ेगी। खासकर आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में लोगों को गर्म और चिपचिपा मौसम महसूस होगा। इससे लोगों को थकान और असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए ज्यादा पानी पीना और धूप से बचना जरूरी है।
मौसम का असर
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। शहरों में पानी भर सकता है जिससे ट्रैफिक जाम लग सकता है। कुछ जगहों पर दृश्यता कम हो सकती है जिससे यात्रा में दिक्कत होगी। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा कच्चे मकानों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान हो सकता है।
किसानों के लिए सलाह
किसानों के लिए यह मौसम थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए कटे हुए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। खेतों में रखी फसलों को तिरपाल से ढकना चाहिए और पौधों को सहारा देना चाहिए ताकि वे तेज हवा से गिर न जाएं।
कुल मिलाकर, देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिलेगा। कहीं बारिश और आंधी होगी तो कहीं तापमान तेजी से बढ़ेगा।
अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा और उसके बाद गर्मी बढ़ने लगेगी। इसलिए सभी लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए।