पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई राज्यों में 14 से 19 मार्च के बीच बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के आसार।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, तेज हवाएं और गरज-चमक की आशंका।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अंदेशा।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 14 से 19 मार्च तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, कुछ हिस्सों पर भारी वर्षा।
झारखंड और ओडिशा में हीटवेव का खतरा बरकरार, जबकि हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी व अन्य राज्यों में तापमान में उतार-चढ़ाव।
मार्च के महीने में भारत के कई राज्यों में मौसम लगातार बदल रहा है। देश के अलग-अलग इलाकों में बारिश, बर्फबारी, आंधी और गर्मी जैसी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। इस समय उत्तर भारत में एक बड़ी मौसम प्रणाली सक्रिय है जिसे पश्चिमी विक्षोभ कहा जाता है। इसके कारण कई राज्यों में बारिश और तूफान के आसार बन रहे हैं। इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण बदलाव देखने को मिल सकता है।
आज, 14 मार्च, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला है। इसके कारण कई जगहों पर बादल छाए रहेंगे, बारिश होगी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम का मिजाज
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आने वाले दिनों में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है। विभाग की मानें तो 15 से 19 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी बढ़ने की संभावना है।
इन दिनों कई जगहों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है। बिजली चमक सकती है और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ हिस्सों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। उत्तराखंड में 15 और 16 मार्च को तेज आंधी भी आ सकती है। जहां हवा की रफ्तार के 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में भी देखने को मिलेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में गरज के साथ हल्की बारिश, तेज हवाएं चलने तथा वज्रपात का भी अंदेशा जताया गया है। 15 और 16 मार्च को उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी मौसम खराब हो सकता है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
फसलों और पेड़ों पर असर
तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि का असर खेती और पेड़ों पर पड़ सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं। कुछ बड़े पेड़ भी गिर सकते हैं। इससे बिजली और संचार की लाइनों को नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। केला और पपीता जैसे पौधों को भी नुकसान हो सकता है। खुली जगहों पर मौजूद लोगों और पशुओं को भी ओलों से चोट लगने का खतरा रहता है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। यहां एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है, जिसके कारण कई दिनों तक बारिश हो सकती है। 14 से 19 मार्च के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व वज्रपात का अंदेशा जताया गया है।
मौसम विभाग की मानें तो अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिसो में भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
मध्य और पूर्वी भारत में मौसम
मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है। एक ट्रफ लाइन के कारण यहां बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है। 15 से 17 मार्च के बीच मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने तथा गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
दक्षिण भारत में मौसम
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना है। इसके पीछे एक चक्रवाती प्रसार का असर है जो समुद्र के पास बना हुआ है। इन राज्यों में तेलंगाना
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश शामिल हैं, जहां हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में लगभग तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों में तापमान थोड़ा कम हो सकता है। पूर्वी भारत में पहले तापमान थोड़ा बढ़ सकता है और बाद में कुछ कमी आ सकती है।दक्षिण भारत में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 13 मार्च, 2026 को विदर्भ के अमरावती में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्म हवाओं की चेतावनी
कुछ राज्यों में गर्म हवाएं चल सकती है। खासकर झारखंड और ओडिशा इन राज्यों में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भीषण लू चलने का अंदेशा है।
केरल और माहे, तथा कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने की प्रबल आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि ज्यादा देर तक धूप में न रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। इन सावधानियों से गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।
14 से 19 मार्च के बीच भारत के कई हिस्सों में मौसम बदलने वाला है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत में भी कई दिनों तक बारिश होने की संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में भी कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है। दक्षिण भारत में हल्की बारिश के साथ मौसम सामान्य बना रहेगा। वहीं कुछ क्षेत्रों में गर्मी की स्थिति भी बनी रह सकती है।
इसलिए लोगों को मौसम की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। इससे किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है।