उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल तथा उत्तराखंड में 12-17 मार्च के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी।
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 12 मार्च को ओलावृष्टि का खतरा, किसानों को फसलों व बागानों को जाल से सुरक्षित रखने की सलाह।
पूर्वोत्तर के राज्यों असम और मेघालय व अरुणाचल में 12-17 मार्च के बीच बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं।
सौराष्ट्र और कच्छ में 12-13 मार्च को भीषण हीटवेव, गुजरात और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी लू चलने की आशंका।
देश के कई हिस्सों में तापमान में बदलाव, पश्चिमी हिमालयी इलाकों में चार से छह डिग्री की गिरावट, तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 12 मार्च, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि आने वाले दिनों में उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कुछ पश्चिमी इलाकों में गर्मी और लू या हीटवेव का भी असर देखने को मिल सकता है।
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम व चक्रवाती प्रसार के कारण उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। खासकर जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में आने वाले कुछ दिनों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।
आज, 12 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके बाद 13 से 17 मार्च के बीच भी इन राज्यों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।
12 से 17 मार्च के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भी हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इससे इन क्षेत्रों का तापमान कुछ कम हो सकता है और ठंड का असर थोड़ा बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि का अंदेशा
मौसम विभाग ने 12 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई है। ओले गिरने से फसलों और बागानों को नुकसान हो सकता है।
इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने फलदार पेड़ों और सब्जियों की फसलों को ओलों से बचाने के लिए जाल या सुरक्षा कवर का उपयोग करें। इससे फसलों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश और आंधी-तूफान
देश के विभिन्न हिस्सों में बने चक्रवाती प्रसार के चलते पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। खासकर असम और मेघालय तथा अरुणाचल प्रदेश में 12 से 17 मार्च के बीच बारिश होने की संभावना है।
इन राज्यों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश के और बिजली भी गिर सकती है। 13 से 15 मार्च के बीच असम और मेघालय में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति लगभग 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।
मौसम विभाग ने 12 से 14 मार्च के बीच अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अंदेशा जताया है। वहीं 13 से 15 मार्च के बीच असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
विभाग ने भारी बारिश को देखते हुए किसानों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। अरुणाचल प्रदेश में किसानों को पत्ता गोभी, मटर, सरसों और देर से पकने वाली धान की फसल की कटाई कर लेने की सलाह दी गई है। इसके अलावा जो आलू पक चुके हैं उन्हें भी खोदकर सुरक्षित स्थान पर रख देना चाहिए।
मेघालय में किसानों को अपनी सब्जी की फसलों के लिए खेतों में पानी की निकासी का अच्छा इंतजाम करना चाहिए। साथ ही बागानों और पौधों को सहारा देने के लिए लकड़ी या डंडों का सहारा देना चाहिए ताकि तेज हवा और बारिश से पौधों को नुकसान न हो।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे इन क्षेत्रों में ठंड थोड़ी बढ़ सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटे तक तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान दो से चार डिग्री तक कम हो सकता है।
मध्य भारत में भी अगले तीन दिनों तक तापमान लगभग समान रहेगा, लेकिन उसके बाद चार दिनों में तापमान तीन से पांच डिग्री तक गिर सकता है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 11 मार्च, 2026 को मध्य महाराष्ट्र के नंदुरबार में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के पाली में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां है लू या हीटवेव, गर्म-उमस भरे मौसम के आसार?
कुछ पश्चिमी इलाकों में गर्मी का असर भी देखने को मिल सकता है। खासकर सौराष्ट्र और कच्छ में 12 और 13 मार्च को भीषण हीटवेव यानी लू चलने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा गुजरात और विदर्भ के कुछ हिस्से में भी 12 और 13 मार्च को लू चलने के आसार हैं। गुजरात के कुछ हिस्सों में दिन के साथ-साथ रात में मौसम के गर्म रहने की आशंका जताई गई है।
कुछ तटीय क्षेत्रों जैसे तटीय कर्नाटक, गुजरात और केरल तथा माहे के अलग-अलग हिस्सों में उमस भरी गर्मी का भी अंदेशा जताया गया है।
लू या हीटवेव के दौरान सावधानियां
हीटवेव के दौरान लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय तेज धूप में बाहर जाने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। बुजुर्ग, छोटे बच्चे और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
पिछले 24 घंटे में कहां कितने बरसे बादल?
पिछले दिन देश के कुछ हिस्सों में बारिश भी दर्ज की गई। खासकर जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, असम और मेघालय के कई इलाकों में बारिश हुई। इनमें शिलांग में 3 सेमी, गुलमर्ग और कुपवाड़ा हर जगह 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी, पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ पश्चिमी क्षेत्रों में लू या हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए और आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए ताकि मौसम के प्रभाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।