राजस्थान में भीषण गर्मी के लिए रेड अलर्ट जारी, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव मजबूत, मानसून की रफ्तार बढ़ी, कई राज्यों में तेज बारिश और गरज-चमक के आसार।
हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि का खतरा, पंजाब-हरियाणा समेत उत्तर भारत में तेज हवाओं और बारिश की संभावना।
बिहार, असम, मेघालय और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव की आशंका।
गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में हीटवेव का असर, लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह।
कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। मौसम विभाग के द्वारा आज, 13 मई 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं। माना जा रहा है कि सप्ताह के अंत तक मानसून दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, आंधी, बिजली व ओले गिरने और गर्मी की स्थिति बनी रहेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ गया है। यह क्षेत्र अब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के पास बना हुआ है। इसके अगले 48 घंटों में और मजबूत होने के आसार हैं जताए गए है। इसी कारण दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा तमिलनाडु से लेकर बंगाल की खाड़ी तक हवाओं का एक ट्रफ बना हुआ है। वहीं उत्तर पाकिस्तान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिसका असर उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर कुछ मैदानी हिस्सों में दिखाई देगा।
उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
वहीं आज, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आंधी और बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। वहीं असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भरी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।
पूर्वी भारत में आंधी और तेज बारिश
वहीं, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने कहा है कि बिहार में तेज आंधी चल सकती है, जहां हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आज, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। इन राज्यों में भी 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां भी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। कम दबाव के चलते अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। तमिलनाडु और केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां बादलों के 64.5 से 115.5 मिमी तक बरसने के आसार हैं।
तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। लोगों को अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
कई राज्यों में बढ़ेगा तापमान, कुछ जगहों पर मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 18 मई के बीच देश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है। इससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मध्य भारत के राज्यों में भी तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं। वहीं पूर्वी भारत में 16 मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 17 और 18 मई को यहां तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है।
गुजरात में 14 मई तक तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 15 से 18 मई के बीच तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
महाराष्ट्र में 15 मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 16 से 18 मई के दौरान तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 12 मई, 2026 को राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के आदमपुर में न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां चलेगी लू या हीटवेव?
मौसम विभाग के अनुसार, आज गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लोगों को लू या हीटवेव का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। विभाग ने राजस्थान में भीषण गर्मी के लिए रेड अलर्ट जबकि गुजरात में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर कम निकलने की सुझाव दिया गया है। साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को देखते हुए खेती के काम करने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी की आशंका है वहां किसान पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर लें। खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसल खराब न हो।
तेज हवाओं को देखते हुए केले, सब्जियों और अन्य कमजोर फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है। गर्मी वाले इलाकों में किसान सुबह या शाम के समय ही सिंचाई करें। खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने कहा है कि बदलते मौसम को देखते हुए सभी लोग सतर्क रहें। खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। बिजली चमकने के समय खुले मैदान और पानी वाले स्थानों से दूर रहें।
यात्रा करने वाले लोग मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।