उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है।  
मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान; फिर चढ़ेगा पारा

उत्तर में बारिश-बौछारें व आंधी-तूफान, दक्षिण व पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट, देशभर में एक बार फिर चढ़ेगा पारा, गर्मी फिर करेगी परेशान

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, उत्तर भारत सहित कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली का अलर्ट, तेज हवाएं चलने के आसार

  • पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार, पूर्वी भारत के कुछ जगहों पर तेज तूफान, जनजीवन प्रभावित होने की चेतावनी जारी

  • मध्य और दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम, गरज-चमक के साथ बारिश, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अंदेशा

  • अगले कुछ दिनों में तापमान में बढ़ोतरी के संकेत, उत्तर-पश्चिम भारत में 4 से 6 डिग्री तक पारा चढ़ने का अनुमान

  • किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह, फसलों की सुरक्षा, बारिश और आंधी के दौरान घरों में रहने की अपील

नई दिल्ली, 6 मई, 2026। कश्मीर और इससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसकी वजह से उत्तर भारत व देश के कई हिस्सों में मौसमीय बदलाव जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली अभी भी सक्रिय है और आने वाले दिनों में इसका असर देश के विभिन्न राज्यों में दिखाई देगा। कहीं बारिश होगी, कहीं ओलावृष्टि व आंधी-तूफान चलेंगे, तो कुछ इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की जाएगी।

उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का दौर

उत्तर भारत के राज्यों में आज, छह मई, 2026 को हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम खराब रह सकता है। इन इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तराखंड में छह से आठ मई, 2026 तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

इसके अलावा 10 और 11 मई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे फिर से इन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी छह और सात मई, 2026 के दौरान बारिश के साथ आंधी-तूफान के आसार जताए गए हैं। कुछ जगहों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है, खासकर अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में, जहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी छह से 11 मई तक बारिश का दौर के जारी रहने की संभावना है। कुछ हिस्सों में तेज आंधी और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

मध्य और दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में छह से नौ मई तक गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी का अंदेशा जताया गया है।

विशेष रूप से तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन राज्यों में 64.5 से 155.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।

तापमान में छलांग के आसार

हालांकि कई हिस्सों में बारिश हो रही है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है। नौ मई तक यह बढ़ोतरी जारी रहेगी। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में भी सात से 11 मई के बीच तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। महाराष्ट्र में भी दो से चार डिग्री तक तापमान बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को गर्मी और उमस से बचने के उपाय अपनाने होंगे।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, पांच मई, 2026 को महाराष्ट्र के वर्धा में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में श्चिमी मध्य प्रदेश के राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आज, आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

इस मौसम में किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर लें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें।

सब्जियों और फलों की खेती करने वाले किसान पौधों को सहारा दें, ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो। कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव बारिश के दौरान न करें, क्योंकि इससे उनका असर कम हो जाता है।

पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए और उन्हें बारिश और बिजली से बचाना चाहिए।

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

आम लोगों को भी इस बदलते मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। आंधी और बिजली के दौरान घर के अंदर रहें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन हो सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है, वहां जलभराव से बचने के लिए सतर्क रहें।

गर्मी और उमस वाले इलाकों में लोगों को अधिक पानी पीना चाहिए और धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए।

कुल मिलाकर, देश के अधिकतर इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। कहीं बारिश तो कहीं गर्मी का असर देखने को मिलेगा। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाएं। इससे न केवल जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि रोजमर्रा का जीवन भी सुचारु रूप से चलता रहेगा।