भारत में बेहतर वायु गुणवत्ता वाले शहरों की संख्या में 35 फीसदी की गिरावट आई है। गौरतलब है कि जहां कल बेहतर वायु गुणवत्ता वाले शहरों की संख्या 26 दर्ज की गई थी। वहीं आज यह आंकड़ा घटकर 17 पर पहुंच गया है। आज देश के चार शहरों पालकालाइपेरुर, पुदुचेरी, रामनाथपुरम, वाराणसी में वायु गुणवत्ता 36 दर्ज की गई है।
वहीं दूसरी तरफ बर्नीहाट में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 308 दर्ज किया गया है। वाराणसी से तुलना करें तो बर्नीहाट में प्रदूषण का स्तर नौ गुणा ज्यादा है। देश के 112 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक दर्ज किया गया है। इन शहरों में कटक, दावनगेरे, देवास, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद और गडग आदि शहर शामिल हैं। कल के मुकाबले देखें तो आज संतोषजनक वायु गुणवत्ता वाले शहरों की संख्या में इजाफा हुआ है। कल इन शहरों की संख्या 105 दर्ज की गई थी।
देश के 89 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी की है। वहीं कल इन शहरों का आंकड़ा 94 दर्ज किया गया था। इसी तरह देश के 21 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'खराब' दर्ज किया गया है। इन शहरों में अगरतला, आसनसोल, बारीपदा, छपरा, दिल्ली, धौलपुर, दुर्गापुर, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम, गुवाहाटी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नलबाड़ी, नयागढ़, नोएडा, पटना, समस्तीपुर, श्रीगंगानगर, सुआकाती और विरार में स्थिति दमघोंटू है। कल की तुलना में देखें तो इन शहरों की संख्या में 24 फीसदी का इजाफा हुआ है। बता दें कि कल इन शहरों का आंकड़ा 17 दर्ज किया गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 15 अप्रैल 2024 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 241 में से 17 शहरों में हवा 'बेहतर' (0-50 के बीच) रही। वहीं 112 शहरों में वायु गुणवत्ता 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) है, गौरतलब है कि 14 अप्रैल 2024 यह आंकड़ा 105 दर्ज किया गया था। 89 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) रही। वहीं 21 शहरों आसनसोल, बारीपदा, छपरा, दिल्ली, धौलपुर, दुर्गापुर, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम, गुवाहाटी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नलबाड़ी, नयागढ़, नोएडा, पटना, समस्तीपुर, श्रीगंगानगर, सुआकाती आदि में स्थिति दमघोंटू है। दूसरे शहरों की तुलना में बारबिल (301) और बर्नीहाट (308) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया है।
यदि दिल्ली की बात करें तो यहां वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 64 अंक बढ़कर 204 पर पहुंच गया है। दिल्ली के अलावा फरीदाबाद में इंडेक्स 248, गाजियाबाद में 169, गुरुग्राम में 213, नोएडा में 237, ग्रेटर नोएडा में 220 पर पहुंच गया है।
देश के अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों को देखें तो मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 80 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के 'संतोषजनक' स्तर को दर्शाता है। जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 143, चेन्नई में 67, चंडीगढ़ में 183, हैदराबाद में 74, जयपुर में 99 और पटना में 266 दर्ज किया गया।
इन शहरों की हवा रही सबसे साफ
वाराणसी सहित देश के जिन 17 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट 49, भीलवाड़ा 46, चामराजनगर 48, चिक्कामगलुरु 40, कोयंबटूर 47, झांसी 48, कारवार 50, मदिकेरी 45, पालकालाइपेरुर 36, पुदुचेरी 36, रामनगर 43, रामनाथपुरम 36, सूरत 38, तिरुपति 50, वाराणसी 36, विरुधुनगर 46, और यादगीर 47 शामिल रहे।
वहीं आगरा, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती, अंबाला, अमरावती, अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, अरियालूर, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बारां, बरेली, बाड़मेर, बेंगलुरु, भिलाई, बीदर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, चेन्नई, छाल, चिकबलपुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कुड्डालोर, कटक, दावनगेरे, देवास, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गडग , गांधीनगर, गंगटोक, गुम्मिडिपूंडी, हल्दिया, हापुड़, हसन, हावेरी, हिसार, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जालौर, जींद, जोधपुर, कलबुर्गी, कल्याण, काशीपुर, कटनी, खन्ना, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, कोटा, लातूर, लुधियाना, महाड, मैहर, मांडीखेड़ा, मंगलौर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मैसूर, नागौर, नाहरलगुन, नारनौल, नासिक, पाली, पानीपत, पिंपरी-चिंचवाड, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रूपनगर, सागर, सलेम, सांगली, सासाराम, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, टेंसा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, वातवा, और वृंदावन आदि 112 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है यह वायु गुणवत्ता सूचकांक, कैसे जा सकता है समझा?
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है।
वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है। यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।