2022-23 के सर्दियों के मौसम के दौरान न सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि विभिन्न भू-जलवायु क्षेत्रों वाले मेगा शहरों को पीएम 2.5 स्तर के बिगड़े हुए स्तर का सामना करना पड़ा। खराब पीएम 2.5 का दिल्ली में स्तर उच्चतम रहा है, जबकि शेष शहरों में भी बहुत खराब स्तर का अनुभव हुआ है। दिल्ली के बाद कोलकाता और मुंबई सबसे अधिक प्रदूषित हैं, जबकि बेंगलुरू और चेन्नई में हवा की गुणवत्ता सबसे तेजी से खराब हुई है।
एक अक्तूबर, 2022 से लेकर 28 फरवरी 2023 तक की अवधि में दिल्ली, कोलकाता-हावड़ा, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में सर्दियों में वायु गुणवत्ता का अध्ययन और विश्लेषण किया गया। इस विश्लेषण का उद्देश्य लंबी अवधि के मौसमी बदलावों और कणीय प्रदूषण में वार्षिक रुझानों को समझने के लिए समकक्ष मेगा शहरों का आकलन करना है।
सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉयचौधरी कहती हैं “ दिल्ली की सर्दियों की हवा की गुणवत्ता सभी लोगों को प्रभावित करती है जबकि कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, बंगलुरु और चेन्नई सहित अन्य मेगा शहरों में बढ़ते शीतकालीन वायु प्रदूषण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है। दिल्ली ने अपने मौसमी प्रदूषण वक्र को झुका दिया है तो अधिकांश अन्य मेगा शहरों में सर्दियों का वायु प्रदूषण अधिक है या बढ़ रहा है।
उत्तरी मैदानों के बाहर स्थित इन शहरों में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की चरम सीमा को रोकने के लिए अधिक अनुकूल मौसम संबंधी स्थितियां हो सकती हैं, लेकिन उनके समग्र शहर का औसत और स्थानों के स्तर बहुत अधिक जोखिम पैदा कर सकते हैं। यह उन शहरों में उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए साल भर कार्रवाई की मांग करता है जो तेजी से मोनिटरिंग कर रहे हैं और शहरीकरण कर रहे हैं।"
सीएसई के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक अविकल सोमवंशी कहते हैं “अलग-अलग मौसम संबंधी और स्थलाकृतिक स्थितियों के साथ विभिन्न भू-जलवायु क्षेत्रों में स्थित होने के बावजूद सर्दियों का मौसम सभी मेगा शहरों में एक गंभीर चुनौती पेश करता है। सभी मेगा शहरों में सर्दियों के दौरान पीएम2.5 का स्तर ऊंचा और चरम पर रहता है। इस सर्दी में, इनमें से कई शहरों (दिल्ली को छोड़कर) ने अपनी पिछली सर्दियों की तुलना में उच्च मौसमी पीएम2.5 औसत दर्ज किया। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि समग्र उत्सर्जन उच्च है या उन शहरों में बढ़ सकता है।”
खास बिंदु