शक्तिशाली तूफान 'सिनलाकू' उत्तरी प्रशांत महासागर के ऊपर घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। फोटो साभार: नासा
आपदा

शक्तिशाली तूफान 'सिनलाकू' ने उत्तरी मारियाना व गुआम में कहर बरपाया, खतरनाक हवाएं व बाढ़ का अंदेशा

उत्तरी मारियाना द्वीपों पर धीमी रफ्तार से बढ़ता खतरनाक तूफान सिनलाकू, तेज हवाएं, भारी बारिश, बाढ़ और ऊंची लहरों से जनजीवन प्रभावित, संकट की स्थिति लगातार जारी

Dayanidhi

  • तूफान सिनलाकू भले कमजोर हुआ, लेकिन अभी भी 130 मील प्रति घंटा तेज हवाओं के साथ बेहद खतरनाक बना हुआ है।

  • गुआम में चेतावनी जारी, तेज हवाएं, भारी बारिश और बाढ़ के खतरे के कारण लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई।

  • सैपान और टिनियन में तूफान की सीधी मार से इमारतों को नुकसान, पेड़ गिरे और सड़कों पर पानी भर गया है।

  • समुद्र में 30 फीट ऊंची लहरें और तटीय इलाकों में जलभराव का खतरा, जिससे हालात और भी गंभीर बने हुए हैं।

  • तूफान की धीमी गति के कारण इसका असर लंबे समय तक रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में भी खतरा बने रहने की आशंका।

नासा के मुताबिक, अमेरिका के उत्तरी मारियाना द्वीपों पर इस समय एक शक्तिशाली तूफान सिनलाकू (Sinlaku) का असर बना हुआ है। हालांकि अब इसे सुपर टाइफून से कम करके साधारण टाइफून कहा जा रहा है, लेकिन यह अभी भी बहुत खतरनाक बना हुआ है। इस तूफान की रफ्तार धीमी है, जिससे इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहेगा और लोगों के लिए खतरा कम नहीं हुआ है।

तूफान की वर्तमान स्थिति

बुधवार सुबह तक तूफान की हवा की गति लगभग 130 मील प्रति घंटा बताई गई है। इतनी तेज हवाएं पेड़ों को उखाड़ सकती हैं, घरों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और बिजली के खंभों को गिरा सकती हैं। तूफान धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिससे बारिश और तेज हवाएं लंबे समय तक जारी रहने का अंदेशा है।

गुआम में हालात

गुआम में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। वहां सबसे उच्च चेतावनी स्तर लागू किया गया है, जिसका मतलब है कि खतरनाक हवाएं पहले से चल रही हैं। रात के दौरान 70 मील प्रति घंटा तक की तेज हवा के झोंके महसूस किए गए। भारी बारिश भी लगातार हो रही है, जिससे कई इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

सैपान और टिनियन पर असर

तूफान का सबसे ज्यादा असर सैपान और टिनियन द्वीपों पर देखा गया है। यहां तूफान की आंख सीधे इन क्षेत्रों से गुजरी, जिससे बहुत तेज हवाएं चलीं। कई जगहों पर इमारतों को नुकसान पहुंचा है और सड़कों पर पानी भर गया है। तेज हवाओं ने पेड़ों और बिजली के ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है।

आगे बढ़ता तूफान

अब यह तूफान उत्तरी द्वीपों की ओर बढ़ रहा है, जहां हालात और खराब होने के आसार हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही तूफान धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका आकार बड़ा है और इसका प्रभाव काफी दूर तक फैल रहा है। इसलिए नए क्षेत्रों में भी भारी बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।

बाढ़ और समुद्री खतरे

इस तूफान से सबसे बड़ा खतरा बाढ़ का है। अंदरूनी इलाकों में अचानक बाढ़ आ सकती है, जबकि समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को ऊंची लहरों और समुद्री पानी के बढ़ने का खतरा है। कुछ जगहों पर लहरों की ऊंचाई 30 फीट तक पहुंच चुकी है, जो बहुत खतरनाक मानी जाती है।

जनजीवन पर प्रभाव

तूफान के कारण कई जगहों पर बिजली चली गई है और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। पेड़ गिरने और सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही में दिक्कत हो रही है। उड़ानें रद्द होने के कारण लगभग 1500 लोग फंसे होने की खबर है। हालांकि अब तक किसी की मौत की खबर नहीं आई है, लेकिन नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है।

आने वाले दिनों की स्थिति

अमेरिकी मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति धीरे-धीरे कम हो सकती है, लेकिन बारिश और समुद्री लहरों का खतरा अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। खासकर गुरुवार तक समुद्र काफी उग्र रहेगा। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

प्रशासन की सलाह

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घरों के अंदर रहें और केवल जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। साथ ही, मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर ध्यान देते रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। सावधानी ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।

तूफान सिनलाकू भले ही थोड़ा कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इसका खतरा अभी टला नहीं है। इसकी धीमी गति और बड़े आकार के कारण इसका असर लंबे समय तक महसूस किया जाएगा। ऐसे में सभी लोगों को सतर्क रहना और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है।