प्रतीकात्मक तस्वीर- सीएसई 
स्वास्थ्य

कोविड-19 महामारी: “कोविड-19 से दर्ज हर मौत के साथ महामारी से जुड़ी लगभग दो अतिरिक्त मौतें हुईं”

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 और उससे जुड़ी परिस्थितियों के कारण 2.2 करोड़ से अधिक लोगों की मौत हुई

DTE Staff

पांच साल पहले इसी समय कोविड-19 महामारी अपने सबसे घातक दौर में थी। डेल्टा वैरिएंट ने मौत का ऐसा जाल बिछाया था, जिसने दुनिया भर में लाखों लोगों की जान ले ली। आज भले ही लोग मृतकों की गिनती करना छोड़ चुके हों, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि महामारी में आखिर कितने लोगों की मौत हुई?

13 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी रिपोर्ट “वर्ल्ड हेल्थ स्टैटिस्टिक्स 2026” जारी की। इस रिपोर्ट में महामारी से हुई वास्तविक मौतों का एक आकलन सामने आया है।

अब तक कोविड-19 से 70 लाख मौतें आधिकारिक तौर पर दर्ज की गई थीं। लेकिन अतिरिक्त मौतों (एक्सेस डेथ्स) के आंकड़ों और बेहतर आकलन पद्धति के आधार पर डब्ल्यूएचओ की वार्षिक रिपोर्ट कहती है: “2020 से 2023 के बीच सभी कारणों से वैश्विक अतिरिक्त मौतों की संख्या 2.21 करोड़ आंकी गई, जबकि कोविड-19 से आधिकारिक तौर पर 70 लाख मौतें दर्ज की गई थीं। इसका अर्थ है कि कोविड-19 से दर्ज प्रत्येक मौत के मुकाबले महामारी से जुड़ी लगभग दो अतिरिक्त मौतें हुईं।”

‘अतिरिक्त मौत’ (एक्सेस डेथ) से आशय किसी संकट के दौरान हुई कुल मौतों और सामान्य परिस्थितियों में अनुमानित मौतों के बीच के अंतर से है।

नए आकलन में केवल वे मौतें शामिल नहीं हैं जो सीधे तौर पर कोरोना वायरस संक्रमण से हुईं, बल्कि वे अप्रत्यक्ष मौतें भी शामिल हैं जो इस अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा, आर्थिक संकट और अन्य सामाजिक कारणों से हुईं।

2020 में महामारी घोषित होने के बाद से डब्ल्यूएचओ ने 2023 तक कोविड-19 से सीधे हुई मौतों और अतिरिक्त मौतों (एक्सेस डेथ्स) दोनों का आकलन किया। इसके रुझान से पता चलता है कि जैसे-जैसे महामारी आगे बढ़ी, अतिरिक्त मौतों की संख्या भी बढ़ती गई।

डब्ल्यूएचओ के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, “समय के साथ अतिरिक्त मौतों और कोविड-19 से आधिकारिक तौर पर दर्ज मौतों के बीच का अनुपात उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।”

2020 में अतिरिक्त मौतों और कोविड-19 से दर्ज मौतों का अनुपात 1:1 था। लेकिन 2023 तक यह बढ़कर 9:1 हो गया।

साल 2021 में अतिरिक्त मौतें अपने चरम पर पहुंच गईं और इनकी संख्या 1.04 करोड़ आंकी गई। इसके लिए डेल्टा जैसे नए वैरिएंट और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के चरमरा जाने को जिम्मेदार माना गया। इसके बाद 2023 में यह संख्या घटकर 33 लाख रह गई।

“वर्ल्ड हेल्थ स्टैटिस्टिक्स 2026” के अनुसार, “2021 में यह वृद्धि मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े भारी दबाव के कारण हुई अप्रत्यक्ष मौतों की वजह से दिखाई देती है, हालांकि मौतों की कम रिपोर्टिंग ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि 2022 के बाद, जब कई देशों ने बड़े पैमाने पर कोविड जांच बंद कर दी, तब अतिरिक्त मौतों और कोविड-19 से दर्ज मौतों के बीच बढ़ते अंतर का मुख्य कारण मौतों की कम रिपोर्टिंग बन गया।