प्रदर्शनकारियों ने 5 से 16 अप्रैल तक चले आंदोलन के दौरान सांकेतिक फांसी लगाकर अपना रोष जाहिर किया। फोटो: अमित भटनागर 
राजकाज

प्रशासन के आश्वासन पर केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना प्रभावितों का आंदोलन स्थगित

प्रशासन की टीमें घर घर जाकर सर्वे करेगीं और प्रभावितों की समस्याओं का निराकरण करेंगी

Bhagirath

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना प्रभावित किसानों और आदिवासियों का आंदोलन 16 अप्रैल को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन की मांग पर प्रदर्शनकारियों ने 10 दिन का समय दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने डाउन टू अर्थ को बताया कि प्रशासन के एसडीएम स्तर के अधिकारी सभी प्रभावित गांवों में शिविर लगाकर फिर से सर्वेक्षण करेंगे। साथ ही पुनर्वास और मुआवजे पर पीड़ितों की समस्याओं का दूर करेंगे। भटनागर के अनुसार, प्रशासन के समानांतर उनका भी सर्वेक्षण चलेगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के प्रभावित ने 5 अप्रैल से प्रदर्शन शुरू किया था। भटनागर के अनुसार, इससे पहले वह कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी बात रख चुके थे लेकिन प्रशासन ने उन पर ध्यान नहीं दिया। अंत उन्हें मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा। वह कहते हैं कि प्रशासन ने 10 दिन में प्रभावितों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया तो फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।

5 से 16 अप्रैल के बीच चले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए सबसे पहले चिता पर लेटकर सांकेतिक प्रदर्शन किया और फिर उपवास रखकर प्रदर्शन किया, जिसे उन्होंने आकाश आंदोलन का नाम दिया। इसके बाद शरीर पर अपने गांव की मिट्टी मलकर मिट्टी आंदोलन किया और फिर अंत में जल आंदोलन के जरिए पानी में उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान किसानों और आदिवासियों ने फांसी के फंदे को गले में डालकर भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि या तो उन्हें न्याय दिया जाए या मौत दे दी जाए।

छतरपुर के पीआरओ जनसंपर्क के अनुसार, 16 अप्रैल को छतरपुर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गांव ढोढन में प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और चार से पांच घंटे प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बात चली।

पीआरओ के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे ढोड़न बांध स्थल पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिला प्रशासन छतरपुर के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया के नेतृत्व में बैठकर सारगर्भित चर्चा की। साथ ही प्रदर्शन से जुड़ी शिकायतों, मांगों और विसंगतियों को बिंदुबार सुना गया और नियमानुसार तथ्यात्मक जिला स्तर पर हर संभव निराकरण की बात कही गई। इस दौरान पन्ना जिले के मझगांय और रूंझ बांध से जुड़े विस्थापितों की अधिक समस्याएं सामने आईं जिसको पन्ना जिले के उपस्थित अधिकारियों ने सुना और निराकरण के निर्देश दिए। प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वस्त किया गया कि एक भी पात्र व्यक्ति नहीं छूट पाएगा और अपात्र व्यक्ति किसी भी हाल में हितलाभ लाभ की सूची में नहीं जुड़ पाएगा।

चर्चा के दौरान डिप्टी कलेक्टर जीएस पटेल, एसडीएम बिजावर विजय द्विवेदी, पन्ना और अजयगढ़ के एसडीएम, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर अपने प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित रहे। पीआरओ के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे लोगों की कुछ मांगें शासन स्तर की थीं जिस पर अधिकारियों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कराकर बिंदुओं को प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।