आगरा का ताजमहल। फोटो: विकास चौधरी 
जंगल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सूर सरोवर पक्षी विहार का विस्तार पूरा, क्षेत्रफल 798.15 हेक्टेयर हुआ

सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन चरणों में पक्षी विहार का विस्तार किया

Vivek Mishra

उत्तर प्रदेश में आगरा के सूर सरोवर पक्षी विहार का क्षेत्रफल अब बढ़कर 798.1505 हेक्टेयर हो गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने 24 सितंबर 2026 को पक्षी विहार के विस्तार और अधिसूचना से जुड़े मामले का निस्तारण कर दिया।

यह मामला डॉ. शरद गुप्ता बनाम भारत संघ एवं अन्य से संबंधित था। मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सूर सरोवर पक्षी विहार के क्षेत्रफल के विस्तार और विभिन्न हिस्सों को अधिसूचित करने के लिए उठाए गए कदमों को अधिकरण ने रिकॉर्ड पर लिया।

यह कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के 23 सितंबर 2022 के आदेश के अनुपालन में केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की सिफारिशों को लागू किए जाने से जुड़ी थी।

सीईसी ने 403.09 हेक्टेयर क्षेत्र को सूर सरोवर पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित करने की सिफारिश की थी। इसके साथ ही समिति ने सूरदास आरक्षित वन और बफर क्षेत्र में आने वाली 380.558 हेक्टेयर सरकारी भूमि को भी पक्षी विहार में शामिल करने पर विचार करने की सिफारिश की थी।

तीन अधिसूचनाओं से बढ़ा संरक्षित क्षेत्र

मामले की सुनवाई लंबित रहने के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने CEC की सिफारिशों के अनुरूप अलग-अलग चरणों में अधिसूचनाएं जारी कीं।

सबसे पहले 12 जून 2024 को 403.09 हेक्टेयर क्षेत्र को सूर सरोवर पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया।

इसके बाद 27 दिसंबर 2024 की अधिसूचना के जरिए 380.558 हेक्टेयर सूरदास आरक्षित वन क्षेत्र को भी पक्षी विहार में शामिल किया गया। इस अधिसूचना में 31 अगस्त 2026 को संशोधन किया गया।

इसके बाद बची हुई 14.5025 हेक्टेयर सरकारी भूमि को 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना के जरिए पक्षी विहार में शामिल किया गया।

इस तरह इन सभी क्षेत्रों को जोड़ने के बाद सूर सरोवर पक्षी विहार का कुल क्षेत्रफल 798.1505 हेक्टेयर दर्ज किया गया है।

अंतिम अधिसूचना के बाद मामला खत्म

एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना जारी होने के साथ आवेदक की ओर से की गई प्रार्थना पूरी हो गई है। इसके बाद अधिकरण ने मूल आवेदन का निस्तारण कर दिया।

मामले की सुनवाई एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की।

सूर सरोवर पक्षी विहार आगरा में स्थित एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि क्षेत्र है। इसके क्षेत्रफल के विस्तार से अब पहले से अधिक भूमि औपचारिक रूप से पक्षी विहार के दायरे में आ गई है। हालांकि, इस विस्तार का वास्तविक संरक्षण प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र में संरक्षण प्रबंधन, भूमि उपयोग नियंत्रण और पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी जैसे कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।