फोटो साभार: एफएओ
जंगल

वन क्षेत्र में रोजगार घटा, 2022 में 4.2 करोड़ लोगों को मिला काम

क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो एशिया अब भी वन क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है

Raju Sajwan

दुनिया भर में वन क्षेत्र में रोजगार के ताजा आंकड़े चिंताजनक संकेत देते हैं। वर्ष 2022 में इस क्षेत्र में कुल 4.2 करोड़ लोग कार्यरत रहे, जो वैश्विक रोजगार का लगभग 1.2 प्रतिशत है।

हालांकि, यह संख्या 2011 की तुलना में लगभग 3.1 प्रतिशत कम है, जिससे स्पष्ट है कि पिछले एक दशक में वन आधारित रोजगार में गिरावट दर्ज की गई है।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और थुनेन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट्री के नए शोध में यह पाया गया। मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट “वन क्षेत्र में रोजगार का आकलन करने की अद्यतन पद्धति: वैश्विक और क्षेत्रीय अनुमान” में 2011 से 2022 के बीच वन क्षेत्र में रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।

क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो एशिया अब भी वन क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां कुल रोजगार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 1.4 प्रतिशत है।

इसके विपरीत, यूरोप में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी घटकर 1.3 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत रह गई है, जो धीमी लेकिन लगातार गिरावट का संकेत देती है।

अफ्रीका में स्थिति स्थिर नहीं रही। यहां वन क्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत 2011 से 2016 के बीच बढ़ा, लेकिन बाद के वर्षों में गिरकर 2022 में 1.0 प्रतिशत पर आ गया।

वहीं अमेरिका महाद्वीप में यह क्षेत्र अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा, जहां रोजगार का स्तर लगभग 0.8 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है, हालांकि कोविड-19 महामारी के बाद मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

रोजगार का स्वरूप

वन क्षेत्र में रोजगार का ढांचा भी स्पष्ट रूप से कुछ प्रमुख गतिविधियों पर आधारित है। इस क्षेत्र में सबसे बड़ा हिस्सा लकड़ी और लकड़ी उत्पाद निर्माण का है, जो कुल रोजगार का लगभग 58 प्रतिशत प्रदान करता है।

इसके बाद वानिकी और लकड़ी कटाई (लॉगिंग) का स्थान आता है, जबकि पल्प और पेपर उद्योग भी रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वन क्षेत्र में रोजगार की यह गिरावट कई कारणों से जुड़ी हो सकती है—जैसे तकनीकी बदलाव, औद्योगिक संरचना में परिवर्तन, और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के पैटर्न में बदलाव।

इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि वन क्षेत्र आज भी करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है, लेकिन इसमें स्थिरता और विस्तार के लिए नीतिगत हस्तक्षेप और सतत विकास पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

यह संयुक्त अध्ययन 182 देशों के वार्षिक आंकड़ों पर आधारित है, जो दुनिया के लगभग 99 प्रतशित वन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अध्ययन पहली बार वैश्विक स्तर पर लिंग आधारित रोजगार के आंकड़े भी प्रस्तुत करता है। इसके अनुसार, वन क्षेत्र में लगभग 1.06 करोड़ महिलाएं कार्यरत हैं, जो कुल रोजगार का 25 प्रतिशत हैहै। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं और पुरुषों के बीच असमानता अब भी बनी हुई है।