भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 162.15 गीगावाट पहुंची, देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बनकर उभरा।
वर्ष 2026 में देशभर में ऐतिहासिक हीटवेव नहीं रही, लेकिन कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज हुआ।
सरकार ने 10 राज्यों के 28 जिलों में भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणाली का विस्तार किया, जिससे आपदा प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी।
दिल्ली में एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य पदार्थ बेचने वाले चार कारोबारियों पर कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित और आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
एल नीनो के प्रभाव से कमजोर मानसून की आशंका, जबकि पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 116 शहरों को 10,000 ई-बसें स्वीकृत हुईं।
सौर ऊर्जा क्षमता में बड़ी वृद्धि
आज मानसून सत्र का तीसरा दिन है, इस बीच सदन में सवाल जवाब का सिलसिला जारी है। सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में बताया कहा कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेज प्रगति हुई है। साल 2013-14 में देश की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता केवल 2.82 गीगावाट थी। अब 30 जून 2026 तक यह बढ़कर 162.15 गीगावाट हो गई है। यह लगभग 57 गुना वृद्धि है।
जोशी ने अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (आईआरईएनए) की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी स्टेटिस्टिक्स 2026 रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि भारत अब स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
देश में साल 2026 में हीटवेव यानी लू की स्थिति
देश में लू को लेकर सदन में उठे एक सवाल के जवाब में आज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) पूरे देश में गर्मी और हीटवेव की लगातार निगरानी करता है। साल 2026 में देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी रही, लेकिन पूरे देश में ऐतिहासिक स्तर की अत्यधिक गंभीर हीटवेव नहीं देखी गई।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ, उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और मध्य प्रदेश के उत्तरी इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। यह क्षेत्र पहले से ही भीषण गर्मी के लिए जाने जाते हैं।
भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणाली
सदन में उठाए गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय में राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि भूस्खलन से लोगों की सुरक्षा के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने क्षेत्रीय भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली विकसित की है।
यह प्रणाली साल 2020 से चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। अब इसका विस्तार 10 भूस्खलन-प्रभावित राज्यों के 28 जिलों तक कर दिया गया है। इनमें असम, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, उत्तराखंड, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
समाप्त अवधि वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री
दिल्ली में एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों को लेकर सदन में उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए आज, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने लोकसभा में कहा कि दिल्ली में कुछ कंपनियों द्वारा समाप्त हो चुके (एक्सपायर्ड) खाद्य पदार्थों पर नई निर्माण तिथि और नई समाप्ति तिथि लिखकर बेचने का मामला सामने आया।
वर्मा ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से जांच की। जांच में चार कंपनियां दोषी पाई गईं। इन कंपनियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई तथा उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। साथ ही दिल्ली में विशेष जांच अभियान चलाने का आदेश भी दिया गया।
देश में राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम (द्वितीय चरण)
सदन में सवालों का सिलसिला जारी रहा, इसी बीच उठे एक प्रश्न के उत्तर में आज, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय के राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि एमएनआरई द्वारा राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम का पहला चरण लागू किया गया था। इसकी अवधि पहले 31 मार्च 2026 तक थी, जिसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक कर दिया गया है। नाइक ने बताया कि द्वितीय चरण को अभी मंजूरी नहीं दी गई है।
भारत में बारिश की कमी
बारिश में कमी को लेकर सदन में उठाए गए एक सवाल, जिसमें पूरे देश में 35 प्रतिशत बारिश की कमी की बात कही गई थी। इसके जवाब में आज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि पूरे देश में बारिश में इतनी कमी दर्ज नहीं की गई।
30 जून 2026 तक देश में बारिश का दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से 40 प्रतिशत कम थी। बाद में बारिश की स्थिति में सुधार हुआ और 14 जुलाई 2026 तक यह कमी घटकर 21 प्रतिशत रह गई।
कांगड़ा-चंबा क्षेत्र में भूकंप का खतरा
सदन में पूछे गए एक और प्रश्न के उत्तर में आज, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा-चंबा क्षेत्र में भूकंप की गतिविधियों पर सरकार लगातार नजर रख रही है। उन्होंने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र का हवाला देते हुए बताया कि जून 2026 में इस क्षेत्र में 16 भूकंप दर्ज किए गए।
सिंह ने कहा कि देशभर में भूकंप की निगरानी 24 घंटे की जाती है ताकि लोगों को समय पर जानकारी मिल सके।
एल नीनो का दक्षिण-पश्चिम मानसून पर प्रभाव
सदन में एल नीनो का मानसून पर असर को लेकर एक सवाल उठाया गया, जिसके जवाब में आज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि एल नीनो की स्थिति का असर साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ सकता है।
सिंह ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पहले मानसून का अनुमान दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 92 प्रतिशत लगाया था। बाद में इसे घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) ने अनुमान लगाया कि बारिश सामान्य से 10 से 12 प्रतिशत कम हो सकती है।
पीएम-ईबस सेवा योजना
सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा में कहा कि देश में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पीएम-ईबस सेवा योजना चला रही है।
इस योजना के तहत 116 शहरों में 20 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी गई है। इससे प्रदूषण कम होगा और लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलेगा।
मानसून सत्र के तीसरे दिन, 22 जुलाई 2026 को संसद के दोनों सदनों में सरकार के मंत्रियों ने सौर ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, मौसम पूर्वानुमान, भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी तथा जैव ऊर्जा, साथ ही मौसम, बारिश और एल नीनो जैसी परिस्थितियों पर वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा नियमित निगरानी सहित कई अहम मुद्दों पर सांसदों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए।