नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 17 फरवरी 2026 को दिल्ली नगर निगम व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) को निर्देश दिया कि वे दिल्ली के सवित्री नगर गांव स्थित एक जोहड़ (तालाब) पर अतिक्रमण हटाने के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें। यह रिपोर्ट छह सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी।
यह निर्देश उस निष्पादन याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जो आवेदक ने 11 जुलाई 2025 के एनजीटी आदेश के अनुपालन की मांग करते हुए दायर की थी। आवेदक ने सवित्री नगर स्थित जोहड़ पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत उठाई है।
ट्रिब्यूनल ने अपने पूर्व आदेश में यह संज्ञान लिया था कि आवेदक ने पहले ही डीपीसीसी को शिकायत दी थी, जिसे दक्षिण जिले के जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्त को अग्रेषित किया गया था। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि स्थल निरीक्षण कर जोहड़ की वर्तमान स्थिति का शीघ्र आकलन करें। यदि जोहड़ की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए, तो उचित सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
यह पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी की जाए। हालांकि, आवेदक के वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। न तो कोई स्थल निरीक्षण किया गया और न ही अतिक्रमण हटाया गया। उल्टे, जोहड़ की भूमि पर और निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत की गई है।
अब ट्रिब्यूनल ने नगर निगम और डीपीसीसी से स्पष्ट रिपोर्ट मांगते हुए मामले में आगे की सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया है।