29 नवंबर 2025 को सोनीपत देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 329 दर्ज किया गया, जो डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सीमा से 2,000 फीसदी अधिक है। पीएम2.5 कणों की अधिकता से हालात ‘बेहद खराब’ हैं।
दूसरी तरफ देश में शिलांग की हवा सबसे साफ रही, जबकि दिल्ली, बहादुरगढ़, हापुड़ जैसे शहर भी गंभीर प्रदूषण की श्रेणी में हैं।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है, जहां एक्यूआई घटकर 305 दर्ज किया गया है।
हालांकि दिल्ली में अभी भी वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ बनी हुई है, जहां प्रदूषण का स्तर निर्धारित डब्ल्यूएचओ मानकों से 1,900 फीसदी अधिक है।
252 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज चार फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 31 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 65 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बहादुरगढ़ (322) दूसरे जबकि हापुड़ (310) तीसरे स्थान पर है।
इसी तरह 310 अंकों के साथ नोएडा चौथे स्थान पर है। धारूहेड़ा-दिल्ली में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 309 और 305 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
चरखी दादरी (304) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद (299), ग्रेटर नोएडा (288) और कोटा (287) भी शामिल हैं।
आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार (हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा) और हरियाणा के चार शहर (सोनीपत, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, चरखी दादरी) शामिल हैं।
विश्लेषण से पता चला है कि 29 नवंबर 2025 को देश में सोनीपत की हवा सबसे ज्यादा खराब है, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 329 पर पहुंच गया। गौरतलब है कि 28 नवंबर को सोनीपत में एक्यूआई 344 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 15 अंकों की गिरावट आई है।
हालांकि इसके बावजूद सोनीपत में स्थिति अभी भी ‘बेहद खराब’ बनी हुई है। रुझानों में सामने आया है कि सोनीपत की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
सोनीपत से स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,000 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में शिलांग की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर सोनीपत की तुलना शिलांग से करें तो वहां स्थिति 20 गुणा खराब है।
बता दें कि 28 नवंबर को देश में नोएडा की स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 388 दर्ज किया गया था। हालांकि 29 नवंबर को हापुड़ में एक्यूआई घटकर 310 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है, जहां एक्यूआई घटकर 305 दर्ज किया गया है। हालांकि दिल्ली में अभी भी वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ बनी हुई है, जहां प्रदूषण का स्तर निर्धारित डब्ल्यूएचओ मानकों से 1,900 फीसदी अधिक है। गौरतलब है कि 11 नवंबर को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित शहर दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 428 तक पहुंच गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 29 नवंबर, 2025 को 252 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज चार फीसदी शहरों में हवा साफ है।
वहीं 31 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 65 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक है। चिंता की बात यह है कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 9.1 फीसदी की गिरावट आई है।
दूसरी तरह आज संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में कल से करीब सात फीसदी का इजाफा हुआ है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इन शहरों की संख्या में कल से 4.2 फीसदी की गिरावट आई है। खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों से जुड़े आंकड़ों को देखें तो उनकी गिनती में करीब तीन फीसदी का उछाल आया है।
दूसरी तरह देश में बेहद खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में 36 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जोकि राहत की खबर है। फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बहादुरगढ़ (322) दूसरे जबकि हापुड़ (310) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 310 अंकों के साथ नोएडा चौथे स्थान पर है। धारूहेड़ा-दिल्ली में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 309 और 305 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
चरखी दादरी (304) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद (299), ग्रेटर नोएडा (288) और कोटा (287) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार (हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा) और हरियाणा के चार शहर (सोनीपत, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, चरखी दादरी) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि सोनीपत, बहादुरगढ़, हापुड़, नोएडा, धारूहेड़ा, दिल्ली, चरखी दादरी, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, कोटा, भिवाड़ी, जालोर, टोंक, मानेसर, सीकर, बल्लभगढ़, बुलंदशहर, गुरुग्राम, पाली, ग्वालियर, बागपत, अंगुल, भिवानी, मुजफ्फरनगर, झुंझुनू, डूंगरपुर, गुम्मिडीपूंडी, जयपुर, खुर्जा, झालावाड़, नागौर, बूंदी, सांगली, सिरोही, जोधपुर, मेरठ, तालचेर, फरीदाबाद, तिरुपुर, चूरू, चित्तौड़गढ़, कोल्लम, महाड, नंदेसरी, उदयपुर, हल्दिया, सलेम, नांदेड़, पिंपरी-चिंचवाड़, सवाई माधोपुर, जबलपुर, प्रयागराज, चित्तूर, नाहरलागुन, परभनी, सागर, अगरतला, मंडी गोबिंदगढ़, कोयंबटूर, अजमेर, आसनसोल, तिरुमाला, मंडीदीप, हाजीपुर, करनाल, यमुना नगर, मुंगेर, यादगीर, नासिक, राउरकेला, वातवा, नवी मुंबई, बैरकपुर, अररिया, गांधीनगर, लखनऊ, मुंबई, बेलापुर, अंबाला, जालंधर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं श्री गंगानगर, बद्दी, सासाराम, हनुमानगढ़, धुले, आगरा, भरतपुर, भोपाल, कोल्हापुर, चंद्रपुर, रतलाम, दौसा, देवास, वृंदावन, बांसवाड़ा, हिसार, अहमदनगर, मीरा-भायंदर, अमरावती (आंधप्रदेश), बोइसर, कल्याण, सूरत, क्योंझर, बदलापुर, तुमडीह, लुधियाना, अंकलेश्वर, बिलीपाड़ा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), पटियाला, वाराणसी, दुर्गापुर, अलवर, बेंगलुरु, गया, उल्हासनगर, अमरावती (महाराष्ट्र), किशनगंज, जलगांव, मैसूर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है। इन शहरों के विपरीत देश के चार फीसदी यानी महज 10 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में आइजोल, चामराजनगर, दमोह, गंगटोक, हावेरी, कलबुर्गी, मदिकेरी, पलकलाईपेरुर, शिलांग आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 77 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें बरेली, बठिंडा, बेगूसराय, बेतिया, भागलपुर, भिलाई, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, छपरा, चिक्कमगलुरु, कुड्डालोर, देहरादून, धारवाड़, डिंडीगुल, गोरखपुर, गुवाहाटी, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, झांसी, कैथल, कन्नूर, कटिहार, खन्ना, कोहिमा, कोप्पल, कोरबा, कुंजेमुरा, मदुरै, मालेगांव, मंगलौर, मंगुराहा, मोतिहारी, नागांव, नागपट्टिनम, नयागढ़, ऊटी, पलवल, पंचगांव, पंचकूला, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनाथपुरम, ऋषिकेश, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 114 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंधप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बोइसर, ब्यासनगर, चंद्रपुर, चित्तूर, कोयंबटूर, कटक, दौसा, दावनगेरे, देवास, धनबाद, धौलपुर, धुले, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जींद, कल्याण, कानपुर, करनाल, करूर, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, परभनी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, राजसमंद, रतलाम, राउरकेला, सागर, सलेम, सासाराम, सवाई माधोपुर, सोलापुर, सूरत, तिरुमाला, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वापी, वाराणसी, वातवा, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 40 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अंगुल, बागपत, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, भिवानी, बुलंदशहर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डूंगरपुर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, ग्वालियर, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, करौली, खुर्जा, कोल्लम, कोटा, महाड, मानेसर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, नागौर, नंदेसरी, पाली, पुडुकोट्टई, सांगली, सीकर, सिरोही, श्री गंगानगर, तालचेर, तिरुपुर, टोंक शामिल हैं।
इसी तरह आज देश के 7 शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब है। इन शहरों में बहादुरगढ़, चरखी दादरी, दिल्ली, धारूहेड़ा, हापुड़, नोएडा, सोनीपत शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 248 में से महज 10 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 77 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 28 नवंबर 2025 को यह आंकड़ा 72 दर्ज किया गया था।
114 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज सोनीपत (329) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां एक्यूआई 340 के करीब पहुंच गया। बता दें कि कल सोनीपत में सूचकांक 344 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब की आज वहां प्रदूषण के स्तर में 15 अंकों का सुधार आया है। हालांकि सोनीपत में अभी भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 'बेहद खराब' श्रेणी में बना हुआ है।
गौरतलब है कि 28 नवंबर देश में नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 388 दर्ज किया गया था। नोएडा में आज 78 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई 310 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 305 पर पहुंच गया। दूसरी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है, जहां 22 अंकों के इजाफे के साथ एक्यूआई बढ़कर 212 रिकॉर्ड किया गया। मतलब की फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज एक बार फिर मध्यम से 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है।
गौरतलब है कि पिछले दो-तीन महीनों में जून, जुलाई और अगस्त के दौरान दिल्ली की वायु गुणवत्ता ज्यादातर दिन संतोषजनक रही। वहीं जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल 2025 में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब दिल्ली की हवा साफ कही जा सके। नवंबर में आठ दिन दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर 'गंभीर' दर्ज किया गया। इसी तरह दिसंबर 2024 में भी छह दिन वायु गुणवत्ता गंभीर दर्ज की गई थी। इस दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा था कि लोगों के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो गया।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 29 नवंबर को नोएडा चौथे स्थान पर है, वहीं बहादुरगढ़ (322) दूसरे, जबकि हापुड़ (310) तीसरे स्थान पर है।
अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 251, गाजियाबाद में 299, गुवाहाटी में 94, गुरूग्राम में 262, नोएडा में 310, ग्रेटर नोएडा में 288 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 124 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 124, चेन्नई में 98, चंडीगढ़ में 93, हैदराबाद में 100, जयपुर में 229 और पटना में 118 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 10 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, चामराजनगर, दमोह, गंगटोक, हावेरी, कलबुर्गी, मदिकेरी, पलकलाईपेरुर, शिलांग, थूथुकुडी शामिल हैं।
वहीं अकोला, अमृतसर, अनंतपुर, अरियालुर, बागलकोट, बरेली, बठिंडा, बेगूसराय, बेतिया, भागलपुर, भिलाई, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, छपरा, चिक्कमगलुरु, कुड्डालोर, देहरादून, धारवाड़, डिंडीगुल, गोरखपुर, गुवाहाटी, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, झांसी, कैथल, कन्नूर, कटिहार, खन्ना, कोहिमा, कोप्पल, कोरबा, कुंजेमुरा, मदुरै, मालेगांव, मंगलौर, मंगुराहा, मोतिहारी, नागांव, नागपट्टिनम, नयागढ़, ऊटी, पलवल, पंचगांव, पंचकूला, पेरुंदुरई, पुडुचेरी, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनाथपुरम, ऋषिकेश, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरसा, शिवसागर, सिवान, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा, विरार, विरुधुनगर, विशाखापत्तनम आदि 77 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
प्रदूषण का मौसम: 252 में से महज 11 शहरों में हवा साफ, नोएडा-दिल्ली में स्थिति ‘बेहद खराब’