फाइल फोटो: विकास चौधरी 
वायु

दिल्ली के एक्यूआई में 27 अंकों का उछाल, 456 पहुंचा आईआईटी दिल्ली का एक्यूआई; 12 शहरों की हवा 'बेहद खराब'

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चार नवंबर को 280 शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक जारी किया गया

Raju Sajwan

देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। कल यानी 3 नवंबर 2026 को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 377 हो गया।

दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 18 पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से अधिक दर्ज किया गया। यह ‘गंभीर’ श्रेणी है। सबसे अधिक प्रदूषण आईआईटी दिल्ली में दर्ज किया गया, जहां एक्यूआई 456 तक पहुंच गया।

इसके बाद पंजाबी बाग में 451, जहांगीरपुरी में 448, मुंडका में 440, डीटीयू में 433, रोहिणी में 432, पूसा में 430 और आरके पुरम में 429 एक्यूआई रहा। अलीपुर और नरेला में यह 427-427 दर्ज किया गया। बवाना और कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 416-416, पटपड़गंज में 416, आईटीओ में 414, नॉर्थ कैंपस और मंदिर मार्ग में 413-413 तथा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 411 एक्यूआई रहा।

नेशनल स्टेडियम में यह 400 दर्ज किया गया, जबकि ओखला फेज-2 का एक्यूआई 413 रहा।

पंचगांव हुआ अव्वल

वहीं, देश के 280 शहरों में से उत्तर प्रदेश का गजरौला का वायु गुणवत्ता सूचकांक 3 नवंबर को सबसे ऊपर था, लेकिन 4 नवंबर को हरियाणा के मानेसर से सटे पंचगांव सबसे ऊपर पहुंच गया। यहां का एक्यूआई 391 दर्ज किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 4 नवंबर 2026 के बुलेटिन के मुताबिक, देश के 12 शहरों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गई है। यहां का एक्यूआई 301 से 400 के बीच पहुंच चुका है। इनमें बहादुरगढ़ (365), बल्लभगढ़ (353), दिल्ली (377), गजरौला (390), ग्रेटर नोएडा (309), गुरुग्राम (322), जींद (354), कैथल (326), खोड़ा (323), मानेसर (318), नोएडा (330) और पंचगांव (391) शामिल हैं।

एक दिन के भीतर कई शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में तेज उछाल दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में सबसे अधिक 120 अंकों की बढ़ोतरी हुई और एक्यूआई 189 से बढ़कर 309 पर पहुंच गया। नोएडा में भी यह 291 से बढ़कर 330 हो गया। इस तरह दोनों शहरों की हवा ‘मध्यम’ और ‘खराब’ श्रेणी से निकलकर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।

पंचगांव में एक्यूआई 320 से बढ़कर 391 दर्ज किया गया, जबकि बहादुरगढ़ में 324 से 365, बल्लभगढ़ में 319 से 353 और जींद में एक्यूआई 354 और कैथल में 326 दर्ज किया गया। गुरुग्राम में यह 305 से बढ़कर 322, मानेसर में 309 से 318 और खोड़ा में 318 से 323 पहुंच गया। वहीं, गजरौला में एक्यूआई 399 से घटकर 390 दर्ज किया गया। इस तरह 4 नवंबर को सूची में शामिल 12 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही।

सीपीसीबी के 4 नवंबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार, देश के 38 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें पानीपत में सबसे अधिक 295 एक्यूआई रहा। अन्य शहरों में अंबाला (294), खुर्जा (290), भिवाड़ी (288), गोपालगंज (285), भिवानी (280), हिसार (278), बुलंदशहर (274), मोदीनगर (272), बड़ौत (271), बागपत (257), गाजियाबाद (257), खन्ना (256), अनपरा (256), सवाई माधोपुर (257), रोहतक (249), हनुमानगढ़ (247), चरखी दादरी (245), पीथमपुर (245), धारूहेड़ा (243), मुजफ्फरनगर (243), कुरुक्षेत्र (239), बीकानेर (237), बायरनिहाट (मेघालय) (237), सोनीपत (237), यमुनानगर (237), खैरथल (221), करनाल (218), नारनौल (216), दौसा (212), बद्दी (211), मंडीदीप (211), श्रीगंगानगर (211), लखनऊ (223), भोपाल (225), हापुड़ (201), मेरठ (204) और सीकर (205) शामिल हैं।

बुलेटिन के अनुसार, देश के 84 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें जैसलमेर में सबसे अधिक 195 एक्यूआई रहा। अन्य शहरों में सिरसा (194), टोंक (194), परदीप (193), पटियाला (191), झुंझुनूं (191), कानपुर (189), चूरू (188), मुरादाबाद (187), गोरखपुर (181), जालंधर (181), अलवर (183), अहमदाबाद (175), आगरा (174), देहरादून (62) नहीं, बल्कि उदयपुर (177), कटनी (175), उज्जैन (175), ग्वालियर (170), नागौर (170), भरतपुर (164), चित्तौड़गढ़ (164), फतेहपुर सीकरी (163), अररिया (162), जालौर (158), बूंदी (155), मंडी गोबिंदगढ़ (151), लुधियाना (150), लेह (149), जालना (146), कोटा (145), सिंगरौली (144), मालेगांव (141), बरेली (139), पुणे (139), राजकोट (137), प्रयागराज (137), वाराणसी (134), अंकलेश्वर (131), मोटिहारी (131), झालावाड़ (131), पूर्णिया (128), शामली (127), फिरोजाबाद (126), जयपुर (125), भीलवाड़ा (123), देवास (123), बेगूसराय (123), फतेहाबाद (122), भिवंडी (121), सागर (121), मेहसाणा (121), गांधीनगर (119), धुले (117), हावड़ा (117), हाजीपुर (115), बायरनिहाट (असम) (115), नवी मुंबई (115), कुंजेमुरा (114), बारां (113), जलगांव (113), भावनगर (113), सासाराम (113), सूरत (106), गया (106), करौली (106), बाड़मेर (105), जोरापोखर (105), उल्हासनगर (104), भागलपुर (103), प्रतापगढ़ (103), अजमेर (101), कोटपुतली (101) सहित अन्य शहर शामिल हैं। इस श्रेणी में 101 से 200 के बीच का एक्यूआई आता है।

देश के 111 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) संतोषजनक श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें चेन्नई में सबसे अधिक 100 एक्यूआई रहा। अन्य शहरों में पंचकुला (99), जबलपुर (98), जमुई (97), कोलकाता (96), धौलपुर और महाड (94-94), गुवाहाटी और रायचूर (93-93), कल्याण (92), मुंबई, रतलाम और वडोदरा (91-91), किशनगंज, अकोला और बांसवाड़ा (90-90), पंपोर (90), अमरावती (67), अहमदनगर (85), कटक (84), कटिहार (84), राजसमंद (84), डोंबिवली (83), सिरोही और सीतामढ़ी (82-82), ऋषिकेश (79), अनंतपुर (78), तिरुमाला और तिरुपति (77-77), आसनसोल (76), मधुबनी (76), सिलिगुड़ी (76), बिलासपुर (75), पालवल (75), धारवाड़ (75), चंडीगढ़ (74), सतारा (73), रायबरेली (73), बालासोर (72), छाल (72), हल्दिया (71), सहारसा (70), दुर्गापुर (66), नांदेड़ (65), चित्तूर (65), कोरबा (65), तुमकुरु (64), मुजफ्फरपुर (63), कोल्हापुर (63), रायपुर (62), देहरादून (62), हैदराबाद (61), झांसी (61), मैहर (61), बीड (60), उडुपी (59), रूपनगर (58), भुवनेश्वर (57), पुडुचेरी (57), परभणी (56), बारिपदा (55), कोयंबटूर (55), कन्नूर (55), सोलापुर (55), अरrah (54), सिलचर (54), ब्रजराजनगर (53), ब्यासनगर (53), कोलार (52), शिलांग (52), बागलकोट (51), बारबिल (51), दावणगेरे (51), माचिलीपट्टनम (51), श्रीकाकुलम (51) और तिरुवनंतपुरम (51) शामिल हैं। इसके अलावा बेंगलुरु (69), नासिक? नहीं, नासिक इस श्रेणी में नहीं है। इस श्रेणी में 51 से 100 के बीच का एक्यूआई आता है।

देश के 17 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अच्छी श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें बेलगाम में सबसे कम 41 एक्यूआई रहा। अन्य शहरों में काकीनाडा और राजगीर (40-40), विशाखापत्तनम और कलबुर्गी (33-33), गैंगटोक और नयागढ़ (32-32), अमरावती और कोप्पल (25-25), मदिकेरी (14), लातूर (42), विजयपुरा (43), भिलाई और राउरकेला (43-43), चिक्कमगलुरु और क्योंझर (44-44), आइजोल (47), मैसूरु और मिलुपारा (48-48), शिवमोगा (48) तथा रायगढ़ के रैरंगपुर (50) में एक्यूआई दर्ज किया गया। इस श्रेणी में 0 से 50 के बीच का एक्यूआई आता है।