भारत के कई शहरों में बढ़ते प्रदूषण से बड़े ही नहीं बच्चे भी प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

प्रदूषित शहरों में दूसरे पायदान पर दिल्ली, 357 अंकों के साथ ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे खराब

ग्रेटर नोएडा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक है

Lalit Maurya

  • देश में 357 एक्यूआई के साथ ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। वहीं दिल्ली 353 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

  • वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, ग्रेटर नोएडा की हवा विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक प्रदूषित है।

  • दूसरी तरफ देश में गंगटोक की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 28 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में ग्रेटर नोएडा की तुलना गंगटोक से करें तो वहां स्थिति 12 गुणा खराब है।

  • 14 जनवरी 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 3.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 25.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 71.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।

  • फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 241 रिकॉर्ड किया गया है।  

  • आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में दिल्ली (353) दूसरे जबकि गाजियाबाद (342) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 338 अंकों के साथ बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है।

  • नोएडा-धारूहेड़ा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 338 और 320 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

  • बीकानेर (319) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में नारनौल (318), मंडी गोबिंदगढ़ (317) और बागपत (315) भी शामिल हैं।

  • आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर (ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत) शामिल हैं।

विश्लेषण से पता चला है कि 14 जनवरी 2026 को देश में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 357 रिकॉर्ड किया गया। कल ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 384 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 27 अंकों की गिरावट आई है। हालांकि वहां अभी भी वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।      

रुझानों में सामने आया है कि ग्रेटर नोएडा की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।  

ग्रेटर नोएडा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में गंगटोक की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 28 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में ग्रेटर नोएडा की तुलना गंगटोक से करें तो वहां स्थिति 12 गुणा खराब है।

कल देश में भिवाड़ी की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 384 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 96 अंकों के सुधार के साथ भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता बेहद खराब से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो वहां कल सूचकांक 360 दर्ज किया गया था, जो आज 7 अंकों के सुधार के साथ घटकर 353 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता डब्ल्यूएचओ मानकों से 2,100 फीसदी अधिक खराब है।       

गौरतलब है कि इससे पहले 14 नवंबर को दिल्ली में 2025 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 461 तक पहुंच गया।     

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 14 जनवरी 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 3.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 25.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 71.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।

बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में करीब 47 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 10 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 1.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 10.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है। बेहद खराब हवा वाले शहरों की गिनती में भी कल से 10 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है।

फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 241 रिकॉर्ड किया गया है।  

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में दिल्ली (353) दूसरे जबकि गाजियाबाद (342) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 338 अंकों के साथ बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है। नोएडा-धारूहेड़ा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 338 और 320 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

बीकानेर (319) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में नारनौल (318), मंडी गोबिंदगढ़ (317) और बागपत (315) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर (ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, धारूहेड़ा, बीकानेर, नारनौल, मंडी गोबिंदगढ़, बागपत, टोंक, चरखी दादरी, श्री गंगानगर, कोटा, पानीपत, गुरुग्राम, बुलंदशहर, मेरठ, सीकर, बद्दी, मानेसर, बालासोर, जींद, मुजफ्फरनगर, पीथमपुर, फरीदाबाद, पाली, गुम्मिडीपूंडी, नागौर, करनाल, ग्वालियर, डूंगरपुर, अंगुल, कटनी, जयपुर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, हापुड़, तालचेर, कडप्पा, नागपुर, भिवानी, सिंगरौली, झुंझुनू, कुरुक्षेत्र, हावड़ा, मंडीदीप, बूंदी, विशाखापत्तनम, बहादुरगढ़, उल्हासनगर, जबलपुर, हाजीपुर, आसनसोल, राजमहेंद्रवरम, कोलकाता, भीलवाड़ा, जालोर, प्रतापगढ़, धौलपुर, काशीपुर, सिरसा, देवास, कल्याण, चंडीगढ़, सिलीगुड़ी, बारीपदा, यमुना नगर, मंडीखेड़ा, बैरकपुर, उदयपुर, सुआकाती, नाहरलागुन, सहरसा, पुणे, सोनीपत, नलबाड़ी, बर्नीहाट आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बल्लभगढ़, भिवाड़ी, हनुमानगढ़, गुवाहाटी, सवाई माधोपुर, खुर्जा, चूरू, आगरा, लखनऊ, फतेहाबाद, भरतपुर, कानपुर, चेन्नई, उज्जैन, राउरकेला, परभनी, भिवंडी, अलवर, रतलाम, अजमेर, चंद्रपुर, कुंजेमुरा, अमरावती (आंध्रप्रदेश), खन्ना, पिंपरी-चिंचवाड़, अहमदाबाद, पटना, धनबाद, बारां, बाड़मेर, धुले, क्योंझर, सिवान, बेलापुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, जलगांव, बारबिल, दौसा, देहरादून, मुरादाबाद, विरार, बांसवाड़ा, लुधियाना, पलवल, नांदेड़, गांधीनगर, बदलापुर, नवी मुंबई, जलना, पटियाला, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), सागर, अकोला, महाड, अमरावती (महाराष्ट्र), मालेगांव, नयागढ़ आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 3.3 फीसदी यानी महज 8 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चिक्कमगलुरु, डिंडीगुल, गंगटोक, हिसार, कलबुर्गी, कोप्पल, मदुरै, रामनाथपुरम आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 61 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें अमृतसर, अनंतपुर, आरा, बागलकोट, बरेली, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, बिहार शरीफ, बिलासपुर, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, दावनगेरे, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, झांसी, करूर, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगुराहा, मिलुपारा, मैसूर, नागपट्टिनम, नासिक, पेरुंदुरई, प्रयागराज आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 118 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद महाराष्ट्र), बदलापुर, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, बेतिया, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, चित्तूर, कुड्डालोर, दौसा, देहरादून, देवास, धनबाद, धौलपुर, धुले, दुर्गापुर, फतेहाबाद, गांधीनगर, हाजीपुर, हल्दिया, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नवी मुंबई, नयागढ़, पलवल, पंचगांव, परभनी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, पुणे, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रतलाम, राउरकेला, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, सिवान, सोनीपत, सुआकाती, सूरत, तिरुमाला, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वातवा, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, यमुना नगर शामिल हैं।

आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 42 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में आगरा, अंगुल, बद्दी, बालासोर, भिवाड़ी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, डूंगरपुर, फरीदाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हापुड़, जयपुर, जैसलमेर, जींद, कडप्पा, करनाल, कटनी, खुर्जा, कोटा, मानेसर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, नागौर, नागपुर, पाली, पानीपत, पीथमपुर, सवाई माधोपुर, सीकर, श्री गंगानगर, तालचेर शामिल हैं।

वहीं बागपत, बल्लभगढ़, बीकानेर, दिल्ली, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, मंडी गोबिंदगढ़, नारनौल, नोएडा, टोंक में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 240 में से महज आठ शहरों में हवा 'बेहतर' है। 61 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 13 जनवरी 2026 को भी यह आंकड़ा 68 दर्ज किया गया था।

118 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज ग्रेटर नोएडा (357) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां एक्यूआई 360 के करीब पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक कल से वहां प्रदूषण में 27 अंकों की गिरावट आई है। हालांकि अभी भी आज ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है।        

कल देश में भिवाड़ी की हवा सबसे प्रदूषित थी, जब एक्यूआई बढ़कर 384 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 96 अंकों के सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 288 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता बेहद खराब से खराब हो गई है।

गौरतलब है कि कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 360 दर्ज किया गया था। हालांकि आज सात अंकों के सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 353 पर पहुंच गया है। मतलब कि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब है। दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है, जहां आज सूचकांक 241 रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में है।   

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 14 जनवरी को बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है, वहीं दिल्ली (353) दूसरे, जबकि गाजियाबाद (342) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 242, गाजियाबाद में 342, गुवाहाटी में 229, गुरूग्राम में 279, नोएडा में 338, ग्रेटर नोएडा में 357 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 118 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 192, चेन्नई में 153, चंडीगढ़ में 160, हैदराबाद में 86, जयपुर में 218 और पटना में 130 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन आठ शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें चिक्कमगलुरु, डिंडीगुल, गंगटोक, हिसार, कलबुर्गी, कोप्पल, मदुरै, रामनाथपुरम शामिल हैं।

वहीं अगरतला, अहमदनगर, आइजोल, अमृतसर, अनंतपुर, आरा, बागलकोट, बरेली, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, बिहार शरीफ, बिलासपुर, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, दावनगेरे, फिरोजाबाद, गया, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, झांसी, करूर, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगुराहा, मिलुपारा, मैसूर, नागपट्टिनम, नासिक, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुडुकोट्टई, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, रूपनगर, सांगली, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सोलापुर, श्रीनगर, ठाणे, तंजावुर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, वृंदावन, यादगीर आदि 61 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:

दिल्ली में वायु गुणवत्ता फिर बेहद खराब, भिवाड़ी-ग्रेटर नोएडा बने देश के सबसे प्रदूषित शहर