भारत की शत-प्रतिशत आबादी प्रदूषण की गिरफ्त में है जो उन्हें शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी कमजोर बना रहा है; फोटो: आईस्टॉक 
वायु

ओजोन की मार से बेहाल कटक, 308 अंकों के साथ बना देश का सबसे प्रदूषित शहर

236 शहरों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के 56 फीसदी शहरों में हवा चिंताजनक बनी हुई है, जबकि कटक सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा है।

Lalit Maurya

  • 04 मार्च 2026 को देश की वायु गुणवत्ता एक बार फिर गंभीर चिंता का कारण बनी, जब ओजोन की मार झेल रहा कटक 308 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित शहर बनकर सामने आया।

  • 236 शहरों के विश्लेषण से पता चलता है कि 56 फीसदी शहरों में हवा चिंताजनक स्तर पर है, जबकि महज तीन फीसदी शहरों में ही सांस लेना सुरक्षित है।

  • हालांकि सिरसा में 203 अंकों का सुधार और दिल्ली-फरीदाबाद में आंशिक राहत दर्ज की गई, लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में पीएम2.5 और पीएम10 का दबदबा बना हुआ है।

  • साफ है कि प्रदूषण में उतार-चढ़ाव के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर वायु गुणवत्ता अब भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

विश्लेषण के मुताबिक 04 मार्च 2026 को देश में कटक सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 308 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल कटक में एक्यूआई 304 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में चार अंकों का इजाफा हुआ है।

रुझानों में सामने आया है कि कटक की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। कटक में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 400 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में भिलाई की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 33 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर कटक की तुलना भिलाई से करें तो वहां स्थिति 9 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में सिरसा की स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 381 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज 203 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां सूचकांक घटकर 178 पर पहुंच गया है।   

राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 216 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 161 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 55 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 250 फीसदी अधिक खराब है।         

इसी तरफ फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 211 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 194 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज ‘खराब’ से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 04 मार्च 2026 को 236 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज तीन फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 41.1 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 55.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा चिंताजनक बनी हुई है।

बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 12.5 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 31.1 फीसदी का इजाफा हुआ है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 13 फीसदी की गिरावट आई है।

इसी तरह खराब गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से करीब 45 फीसदी की कमी रिकॉर्ड की गई, जोकि राहत की खबर है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चरखी दादरी (293) दूसरे जबकि ब्यासनगर (289) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 252 अंकों के साथ अगरतला चौथे स्थान पर है। अंगुल- बहादुरगढ़ में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 244 और 241 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

बल्लभगढ़ (237) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में तालचेर (236), मंडीदीप (234), गुरुग्राम (232) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (बल्लभगढ़, चरखी दादरी, बहादुरगढ़, गुरुग्राम) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, अगरतला, बहादुरगढ़, मंडीदीप, गुरुग्राम, धारूहेड़ा, सहरसा, कुरुक्षेत्र, यमुना नगर, गुम्मिडीपूंडी, बर्नीहाट, दिल्ली, अंकलेश्वर, बेंगलुरु, हावड़ा, जींद, नाहरलागुन, पानीपत, मोतिहारी, सोनीपत, करनाल, मुजफ्फरनगर, कोलकाता, भोपाल, नागांव, पुणे, पटना, हल्दिया, मुजफ्फरपुर, देहरादून, मानेसर, पंचगांव, बेगूसराय, बारीपदा, उज्जैन, बैरकपुर, कोटा, तिरुपति, तिरुमाला, सांगली आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बल्लभगढ़, तालचेर, भिवाड़ी, फरीदाबाद, बिलीपाड़ा, श्री गंगानगर, सिरसा, नयागढ़, सिंगरौली, ग्रेटर नोएडा, वातवा, भुवनेश्वर, गाजियाबाद, सवाई माधोपुर, बुलंदशहर, पीथमपुर, बद्दी, नोएडा, सूरत, क्योंझर, महाड, लखनऊ, हनुमानगढ़, मेरठ, गांधीनगर, भावनगर, अहमदाबाद, मंगुराहा, सीकर, जालोर, ग्वालियर, पाली, जैसलमेर, भीलवाड़ा, अलवर, बागपत, जालंधर, उल्हासनगर, विशाखापत्तनम, बालासोर, झालावाड़, कोरबा, टोंक, रायरंगपुर, रामनगर, जयपुर, पटियाला, अकोला, बदलापुर, चूरू, हापुड़ आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के तीन फीसदी यानी महज सात शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिलाई, बिहार शरीफ, मदिकेरी, पंचकुला, राजगीर, शिलांग, श्रीनगर आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 97 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, दौसा, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गोरखपुर, गुवाहाटी, हिसार, हैदराबाद, जबलपुर, जलना, झांसी, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कुंजेमुरा, लातूर, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मैसूर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंपोर, परभनी, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुदुचेरी आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 120 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में अहमदाबाद, अहमदनगर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंकलेश्वर, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बदलापुर, बागपत, बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बर्नीहाट, चित्तौड़गढ़, चूरू, दमोह, देहरादून, दिल्ली, देवास, धुले, दुर्गापुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कन्नूर, करनाल, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोरबा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नयागढ़, नोएडा, पाली, पंचगांव, पानीपत, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, रायरंगपुर, राजकोट, रामनगर, राउरकेला, सांगली, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, सुआकाती, सूरत, तिरुमाला, तिरुपति, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर शामिल हैं।

आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 11 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अगरतला, अंगुल, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, ब्यासनगर, चरखी दादरी, धारूहेड़ा, गुरुग्राम, मंडीदीप, सहरसा, तालचेर शामिल हैं। वहीं कटक में स्थिति बेहद खराब है, जहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 236 में से महज सात शहरों में हवा 'बेहतर' है। 97 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 03 मार्च को यह आंकड़ा 74 दर्ज किया गया था।

120 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज कटक में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 308 पर पहुंच गया। वहीं कल कटक में एक्यूआई 304 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में चार अंकों का इजाफा हुआ है।

गौरतलब है कि कल देश में सिरसा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई 381 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 203 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां सूचकांक घटकर 178 पर पहुंच गया। इसके साथ ही सिरसा में वायु गुणवत्ता आज ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गई है।   

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 216 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 161 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 55 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 250 फीसदी अधिक खराब है।         

इसी तरफ फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 211 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 194 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।       

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 04 मार्च को अगरतला चौथे स्थान पर है, वहीं चरखी दादरी (293) दूसरे, जबकि ब्यासनगर (289) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 123, गाजियाबाद में 158, गुवाहाटी में 80, गुरूग्राम में 232, नोएडा में 148, ग्रेटर नोएडा में 166 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 95 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 135, चेन्नई में 87, चंडीगढ़ में 91, हैदराबाद में 87, जयपुर में 115 और पटना में 123 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन सात शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें भिलाई, बिहार शरीफ, मदिकेरी, पंचकुला, राजगीर, शिलांग, श्रीनगर शामिल हैं।

वहीं आगरा, आइजोल, अजमेर, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बारां, बरेली, बठिंडा, बेतिया, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कोयंबटूर, दौसा, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गोरखपुर, गुवाहाटी, हिसार, हैदराबाद, जबलपुर, जलना, झांसी, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कुंजेमुरा, लातूर, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मैसूर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंपोर, परभनी, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुदुचेरी, पूर्णिया, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रतलाम, रूपनगर, सागर, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन, यादगीर आदि 97 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:

हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण से बिगड़ते हालात, सिरसा में 381 पर पहुंचा एक्यूआई