13 सितम्बर 2026 को देश के वायु प्रदूषण के नक्शे में मेघालय का बर्नीहाट सबसे चिंताजनक शहर बनकर उभरा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, बर्नीहाट में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 208 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यहां प्रदूषण में पीएम2.5 की प्रमुख भूमिका रही और इसका स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सुरक्षित सीमा से करीब 1,250 फीसदी अधिक रहा।
इसके उलट मिजोरम की राजधानी आइजोल में एक्यूआई महज 14 रहा, जिससे दोनों शहरों की वायु गुणवत्ता में करीब 15 गुना का अंतर सामने आया।
सीपीसीबी के 233 शहरों के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि 85 शहरों यानी 36.5 फीसदी में हवा बेहतर, जबकि 131 शहरों यानी 56.2 फीसदी में संतोषजनक रही।
हालांकि 16 शहरों में हवा मध्यम और बर्नीहाट में खराब रही। प्रदूषण के मामले में पीथमपुर (154), पानीपत (153) और मंडी गोबिंदगढ़ (152) भी शीर्ष पर रहे।
दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़ा और एक्यूआई 70 से बढ़कर 84 पहुंच गया, जबकि फरीदाबाद में यह 95 से बढ़कर 99 हो गया।
आंकड़े बताते हैं कि देश में हवा की स्थिति भले ही ज्यादातर शहरों में संतोषजनक हो, लेकिन कई औद्योगिक और शहरी इलाकों में प्रदूषण का दबाव लगातार बना हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 13 सितम्बर 2026 को देश में मेघालय का बर्नीहाट सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 208 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (12 सितम्बर) को सरकारी आंकड़ों में बर्नीहाट का जिक्र नहीं था।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बर्नीहाट की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बर्नीहाट में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,250 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बर्नीहाट की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 14.8 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में मंडी गोबिंदगढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 157 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज 5 अंकों के सुधार के साथ मंडी गोबिंदगढ़ में सूचकांक घटकर 152 पर पहुंच गया है। मतलब की वायु गुणवत्ता आज भी 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 70 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 84 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 14 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-13 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से वायु गुणवत्ता में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 95 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 99 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 4 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज एक्यूआई संतोषजनक रिकॉर्ड किया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 13 सितम्बर 2026 को 233 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 36.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 56.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 7.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 13.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 6.7 फीसदी की वृद्धि हुई है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पीथमपुर (154) दूसरे जबकि पानीपत (153) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह मंडी गोबिंदगढ़ (152) चौथे स्थान पर है। हिसार (135) – नोएडा (129) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
राउरकेला (121) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेटर नोएडा (119), खैरथल (111) और जालंधर (109) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (पानीपत, हिसार, खैरथल) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बर्नीहाट (मेघालय), पीथमपुर, पानीपत, जालंधर, अमृतसर, मानेसर और खोरा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं मंडी गोबिंदगढ़, राउरकेला, ग्रेटर नोएडा, खैरथल, भिवाड़ी और अंबाला आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 36.5 फीसदी यानी 85 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, कोयंबटूर, दमोह, दौसा, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, एलुरु, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, हिंगोली, इंदौर, झालावाड़, काकीनाडा, कलबुर्गी, कल्याण, करौली, करनाल, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, मदिकेरी, महाड, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचगांव, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायपुर आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 131 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बुलंदशहर, चरखी दादरी, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कटक, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारवाड़, दुर्गापुर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलगांव, जलना, जालोर, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, कानपुर, कटिहार, खुर्जा, कोहिमा, कोटा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नारनौल, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंपोर, पारादीप, परभणी, पटना, पुडुचेरी, पुणे, रायबरेली, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सागर, सहरसा, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सीकर आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 16 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अंबाला, अमृतसर, भिवाड़ी, ग्रेटर नोएडा, हिसार, जालंधर, खैरथल, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, नोएडा, पानीपत, पीथमपुर, राजमहेंद्रवरम, राउरकेला और विशाखापत्तनम शामिल हैं।
वहीं मेघालय के बर्नीहाट (208) में स्थिति 'खराब' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 233 में से 85 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 131 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 12 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 152 दर्ज किया गया था।
16 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज मेघालय के बर्नीहाट में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 208 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (12 सितम्बर) को सरकारी आंकड़ों में बर्नीहाट का जिक्र नहीं था।
इससे पहले कल देश में मंडी गोबिंदगढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 157 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज 5 अंकों के सुधार के साथ मंडी गोबिंदगढ़ में सूचकांक घटकर 152 पर पहुंच गया है। मतलब की वायु गुणवत्ता आज भी 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 70 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 84 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 14 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से वायु गुणवत्ता में वृद्धि हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 95 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 99 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 4 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज एक्यूआई संतोषजनक रिकॉर्ड किया गया है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 13 सितम्बर को मंडी गोबिंदगढ़ (152) चौथे स्थान पर है, वहीं पीथमपुर (154) दूसरे, जबकि पानीपत (153) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 68, गाजियाबाद में 87, गुवाहाटी में 58, गुरूग्राम में 70, नोएडा में 129, ग्रेटर नोएडा में 119 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 39 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 59, चेन्नई में 87, चंडीगढ़ में 34, हैदराबाद में 55, जयपुर में 53 और पटना में 63 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 85 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बैरकपुर, बेलापुर, बेतिया, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, बोइसर, बूंदी, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, कोयंबटूर, दमोह, दौसा, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, एलुरु, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, हिंगोली, इंदौर, झालावाड़, काकीनाडा, कलबुर्गी, कल्याण, करौली, करनाल, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, मदिकेरी, महाड, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचगांव, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, सासाराम, शामली, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, शिवसागर, टेन्सा, ठाणे, उज्जैन, उल्हासनगर, विरार और यादगीर शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अनंतपुर, आरा, आसनसोल, बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बरेली, बारीपाड़ा, बाड़मेर, बठिंडा, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भुवनेश्वर, बीकानेर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, चरखी दादरी, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कटक, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारवाड़, दुर्गापुर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलगांव, जलना, जालोर, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, कानपुर, कटिहार, खुर्जा, कोहिमा, कोटा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नारनौल, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंपोर, पारादीप, परभणी, पटना, पुडुचेरी, पुणे, रायबरेली, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सागर, सहरसा, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सीकर, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्रीगंगानगर, श्रीनगर, सूरत, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, टोंक, तुमडीह, उदयपुर, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, विजयवाड़ा, वृंदावन और यमुना नगर आदि 131 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।