फाइल फोटो: सीएसई 
वायु

हवा का हाल: दो शहरों में 400 पार पहुंचा एक्यूआई, दिल्ली के 20 केंद्रों पर हालात 'गंभीर'

केंद्रीय प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड द्वारा 5 नवंबर 2026 की शाम चार बजे 283 शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक जारी किया गया

Raju Sajwan

देश में वायु प्रदूषण ने इस सीजन में पहली बार ‘गंभीर’ स्तर को छू लिया है। 5 नवंबर को जारी वायु गुणवत्ता बुलेटिन के मुताबिक, दो शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार पहुंच गया। उत्तर प्रदेश के गजरौला में एक्यूआई 407 और हरियाणा के पंचगांव में 406 दर्ज किया गया। इस श्रेणी में 401 से 500 के बीच का एक्यूआई आता है। इससे पहले 4 नवंबर को गजरौला में एक्यूआई 390 और पंचगांव में 391 था। यानी एक दिन में गजरौला में 17 और पंचगांव में 15 अंकों की बढ़ोतरी हुई। बुलेटिन में कुल 283 शहरों के आंकड़े जारी किए गए।

‘बहुत खराब’ श्रेणी में 13 शहर शामिल रहे। इनमें ओडिशा के पारादीप में सबसे अधिक 393 एक्यूआई दर्ज किया गया। दिल्ली का एक्यूआई 369 रहा, जो 4 नवंबर के 377 से 8 अंक कम है। राजस्थान के खैरथल में 339, हरियाणा के बहादुरगढ़ में 342, मानेसर में 343, गुरुग्राम में 331, हिसार में 327 और बल्लभगढ़ में 316 एक्यूआई दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के अनपरा में 343, भिवाड़ी में 337, दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 303 और चरखी दादरी में 304 एक्यूआई रहा।

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो गई है। 5 नवंबर को दिल्ली के 20 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

दिल्ली सरकार का लाइव निगरानी डैशबोर्ड के 5 नवंबर 2026 के शाम 5:00 बजे के आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक प्रदूषण जहांगीरपुरी में रहा, जहां एक्यूआई 454 दर्ज किया गया। इसके बाद पंजाबी बाग में 448, आईआईटी दिल्ली और रोहिणी में 442-442, नरेला में 430, विवेक विहार में 429 और अलीपुर में 424 एक्यूआई रहा। सोनिया विहार में यह 417, मुंडका और आरके पुरम में 415-415, डीटीयू में 433, बवाना और कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 407-407, पूसा में 407, पटपड़गंज में 406, सिरीफोर्ट में 404, एनआईटी नरेला में 403, ओखला फेज-2 में 403 और आईटीओ में 402 दर्ज किया गया। दिल्ली में 60 निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण की निगरानी की जाती है।

‘खराब’ श्रेणी में 40 शहरों का एक्यूआई दर्ज किया गया। इनमें रोहतक (294), कुरुक्षेत्र (289), बुलंदशहर (287), सवाई माधोपुर (286), मोदीनगर (284), नोएडा (283), बिलाईपाडा (278), सोनीपत और गोपालगंज (277-277), अंबाला (271), बड़ौत (270), जींद (268), मेरठ (266), गाजियाबाद (263), दौसा (253), बीकानेर (252), नारनौल (250), फतेहाबाद (247), खुर्जा (246), जैसलमेर, धारूहेड़ा और मंडीदीप (243-243), हनुमानगढ़ (241), पटियाला (240), ग्रेटर नोएडा (238), झुंझुनूं (236), चूरू (234), खन्ना (230), सासाराम (224), ग्वालियर (219), लुधियाना और फतेहपुर सीकरी (218-218), हापुड़ (217), डीग (215), नागौर (210), बिहारशरीफ (209), मुजफ्फरनगर (207), जालौर (204) और कानपुर (203) शामिल हैं। 

एक दिन में कुछ शहरों में प्रदूषण बढ़ा, जबकि कुछ में गिरावट भी दर्ज की गई। फरीदाबाद का एक्यूआई 4 नवंबर के 160 से बढ़कर 5 नवंबर को 303 हो गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा में यह 309 से घटकर 238 और नोएडा में 330 से घटकर 283 पर आ गया। बहादुरगढ़ में भी 365 से घटकर 342 और बल्लभगढ़ में 353 से घटकर 316 दर्ज किया गया। इसके उलट मानेसर में एक्यूआई 318 से बढ़कर 343 और गुरुग्राम में 322 से बढ़कर 331 हो गया।