सरकार ने स्वच्छ पौध कार्यक्रम शुरू किया, 1,765.67 करोड़ बजट, क्लीन प्लांट सेंटर और नर्सरियों के जरिए किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना लागू, कोदो-कुटकी उत्पादन बढ़ेगा, पोषण सुधरेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
कृषि में विविधीकरण पर जोर, नारियल, काजू, बादाम जैसी उच्च मूल्य फसलों को बढ़ावा देकर आय और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 2030 तक 500 गीगावॉट लक्ष्य, ग्रिड क्षमता बढ़ रही है, लेकिन सोलर पैनल कचरा बड़ी पर्यावरण चुनौती बन रहा है।
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, 14 वर्ष की लड़कियों को मुफ्त टीका, साथ ही निपाह वायरस के मामलों पर सरकार सतर्क नजर रख रही है।
स्वच्छ पौध कार्यक्रम (क्लीन प्लांट सेंटर)
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में आज, सदन में उठाए गए एक सवाल का जवाब में, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रालय द्वारा स्वच्छ पौध कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराना है। इसके लिए देश में क्लीन प्लांट सेंटर (सीपीसीएस) बनाए जा रहे हैं। इस योजना के लिए कुल 1,765.67 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि एशियाई विकास बैंक से ऋण के रूप में ली गई है।
इस योजना के तहत नौ क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे और 75 नर्सरियों को सहायता दी जाएगी। साथ ही पौधों की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रमाणन प्रणाली भी लागू की जाएगी। चौहान ने कहा यह योजना किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी और खेती को अधिक सुरक्षित बनाएगी।
पौष्टिक मिलेट्स (श्री अन्न) का उत्पादन
सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में बताया कि भारत सरकार पौष्टिक अनाज (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। यह कार्य कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन - श्री अन्न (एनएफएसएनएम) के माध्यम से किया जा रहा है।
इस योजना के अंतर्गत कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, खासकर मध्य प्रदेश के सीधी जैसे क्षेत्रों में। इस कार्य में भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान और अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये संस्थान किसानों को उन्नत बीज और नई तकनीक प्रदान करते हैं। मंत्री ने कहा इससे देश में पोषण स्तर सुधरेगा और किसानों की आय भी बढ़ेगी।
उच्च मूल्य फसलों का विविधीकरण
फसलों का विविधीकरण को लेकर सदन में उठाए गए एक और सवाल के जवाब में आज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में कहा कि भारत सरकार खेती को अधिक लाभदायक बनाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों पर जोर दे रही है। साल 2026-27 के बजट में 1.40 लाख करोड़ रुपये कृषि के लिए आवंटित किए गए हैं।
इस योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है -
तटीय क्षेत्रों में नारियल, काजू, कोको
उत्तर-पूर्व में अगर के पेड़
पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट, पाइन नट्स
इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
केरल में जलवायु अनुकूल कृषि
सदन में उठे एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में आज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए सरकार जलवायु अनुकूल कृषि पर ध्यान दे रही है। यह कार्य भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की योजना राष्ट्रीय नवाचार जलवायु अनुकूल कृषि के तहत किया जा रहा है।
इस परियोजना में अंतर-सरकारी जलवायु परिवर्तन पैनल के आधार पर 651 जिलों का अध्ययन किया गया। केरल के कई जिले जैसे कासरगोड, कोझिकोड, एर्नाकुलम आदि को बहुत अधिक जोखिम वाले क्षेत्र माना गया है, जबकि कुछ जिलों को भारी खतरे वाला बताया गया है। इस योजना से किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने में मदद मिलेगी और नुकसान कम होगा।
नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ग्रिड क्षमता
सदन में उठाए गए एक सवाल के जवाब में आज, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में कहा कि भारत सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। विद्युत मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहे हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने की योजना बनाई है।
जनवरी 2026 तक -
271.78 गीगा वाट क्षमता चालू हो चुकी है
207 गीगा वाट निर्माणाधीन है
सोलर पैनल कचरे की समस्या
जहां सौर ऊर्जा फायदेमंद है, वहीं इससे कचरे की समस्या भी बढ़ रही है। इसी को लेकर सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद का हवाला दिया। जिसमें कहा गया है कि 2030 तक भारत में लगभग 600 किलो टन सोलर कचरा उत्पन्न हो सकता है।
इस समस्या का समाधान निकालना जरूरी है ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो। मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में भी काम कर रही है।
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम
सदन में उठे एक सवाल का जवाब देते हुए आज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में बताया कि मंत्रालय ने राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है। यह अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और इसमें 14 वर्ष की लगभग 1.2 करोड़ लड़कियों को शामिल किया गया है।
इसमें गार्डासिल-4 नामक टीका मुफ्त दिया जा रहा है। यह टीका सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है।
देश में निपाह वायरस के मामले
निपाह वायरस को लेकर सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में कहा कि भारत में निपाह वायरस संक्रमण के कुछ मामले सामने आए हैं। 2025 में केरल में चार मामले और दो मौतें हुईं, जबकि 2026 में पश्चिम बंगाल में दो मामले और एक मौत दर्ज की गई। इस बीमारी का मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ हैं। यह संक्रमित भोजन या व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है।
सरकार के मंत्रियों ने दावा कि सरकार कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए ये पहल बहुत महत्वपूर्ण हैं। भविष्य में इन योजनाओं से देश को और अधिक फायदा मिलेगा।